Wednesday 18-Feb-2026

बिहार विधानसभा का मॉनसून सत्र: हंगामेदार शुरुआत, विपक्ष ने सरकार को घेरा

बिहार विधानसभा का मॉनसून सत्र: हंगामेदार शुरुआत, विपक्ष ने सरकार को घेरा

इंपैक्ट लाइव टीम पटना :बिहार विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से शुरू हुआ, लेकिन पहले दिन ही सदन हंगामे की भेंट चढ़ गया। पांच दिनों तक चलने वाले इस सत्र में नीतीश सरकार ने लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट पेश करने की योजना बनाई थी, लेकिन विपक्षी दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण , कानून-व्यवस्था, और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।

सत्र शुरू होते ही राष्ट्रीय जनता दल , कांग्रेस, और अन्य विपक्षी दलों के विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष ने लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण पर चर्चा की मांग की। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, बिहार लोकतंत्र की जननी है, और अगर यहाँ लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश होगी, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर वोटर लिस्ट से लाखों लोगों के नाम काटे जा रहे हैं, यह गंभीर मुद्दा है।विपक्षी विधायकों ने काली पट्टी बांधकर और सदन के बाहर प्रदर्शन नारों के साथ सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस सदस्यों ने अपराध के मुद्दे पर नीतीश सरकार से जवाब मांगा, जबकि राजद ने कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी को लेकर सवाल उठाए।सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद विपक्षी विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर नंद किशोर यादव ने हंगामे को शांत करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बेकाबू होने पर उन्होंने कार्यवाही को स्थगित करने का फैसला लिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है।

नीतीश सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जिनमें युवाओं, बेरोजगारों, और कामगारों से जुड़े संशोधन विधेयक शामिल हैं। पहले दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 का पहला अनुपूरक बजट पेश होना था, जिसकी राशि लगभग 50 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। 22 और 23 जुलाई को राजकीय विधेयक पेश किए जाएंगे, जबकि 24 जुलाई को अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी।  यह सत्र बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हो रहा है, इसलिए यह राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। विपक्ष ने इस सत्र को नीतीश सरकार को घेरने के अवसर के रूप में देखा है। तेजस्वी यादव ने कहा, हम सरकार से हर मुद्दे पर जवाब मांगेंगे। बिहार की जनता को रोजगार, सुरक्षा, और बेहतर भविष्य चाहिए, लेकिन सरकार केवल खोखले वादे कर रही है।वहीं, भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के नेताओं ने विपक्ष पर बेवजह हंगामा करने का आरोप लगाया।21 से 25 जुलाई तक चलने वाला यह मॉनसून सत्र बिहार के चुनावी एजेंडे को तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सत्र में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस और टकराव बिहार की चुनावी रणनीति को प्रभावित करेगा।

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