इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के तहत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत बूथ लेवल ऑफिसर्स ने सभी मतदान केंद्रों पर ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए नामों की सूची साझा की है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना और फर्जी या अमान्य प्रविष्टियों को हटाना है। साथ ही, जिन मतदाताओं के नाम गलती से हटाए गए हैं, उन्हें अपने नाम दोबारा जोड़ने के लिए आवेदन करने का अवसर दिया जा रहा है। यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाया गया है, लेकिन इसने राजनीतिक दलों, खासकर महागठबंधन, के बीच विवाद को जन्म दिया है।
चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, 6 अगस्त 2025 से बिहार के सभी बूथों पर बीएलओ ने ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए नामों की सूची को सार्वजनिक करना शुरू किया है। इस सूची में निम्नलिखित कारणों से नाम हटाए गए हैं:
• मृतक मतदाता: जिन व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है।
• स्थानांतरित मतदाता: जो अब उस बूथ के क्षेत्र में नहीं रहते या अन्य राज्यों में वोटिंग कर रहे हैं।
• डुप्लिकेट प्रविष्टियाँ: एक ही मतदाता के नाम एक से अधिक बार या अलग-अलग बूथों पर दर्ज होने के मामले।
• अमान्य पते: जिन मतदाताओं के पते की पुष्टि नहीं हो सकी।
चुनाव आयोग ने इस सूची को बूथों पर नोटिस बोर्ड, स्थानीय पंचायत कार्यालयों, और ऑनलाइन पोर्टल (https://www.nvsp.in/) के माध्यम से साझा किया है। प्रभावित मतदाताओं को अपने नाम की जाँच करने और आपत्ति दर्ज करने के लिए 1 सितंबर 2025 तक का समय दिया गया है। अंतिम मतदाता सूची 8 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित होगी।यदि किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची से हटाया गया है, तो वे निम्नलिखित तरीकों से अपने नाम को दोबारा जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं:
1. BLO से संपर्क: अपने नजदीकी मतदान केंद्र पर बीएलओ से मिलें और हटाए गए नामों की सूची की जाँच करें।
2. फॉर्म-6 या फॉर्म-7: नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 (नए मतदाता के लिए) या फॉर्म-7 (हटाए गए नाम को पुनः शामिल करने के लिए) भरें। इसके साथ आधार कार्ड, वोटर ID, या अन्य पता प्रमाण जैसे दस्तावेज जमा करें।
3. ऑनलाइन आवेदन: राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (https://www.nvsp.in/) या वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
4. आवेदन की समय सीमा: सभी आपत्तियाँ और आवेदन 1 सितंबर 2025 तक जमा किए जाने चाहिए।
बीएलओ को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक मतदाता को सूची की जाँच करने और आवेदन करने में सहायता मिले। कई क्षेत्रों में, बीएलओ ने घर-घर जाकर भी मतदाताओं को सूचित किया है। ऐसे लोग जो अन्य राज्यों में रहकर वहाँ वोटिंग कर रहे हैं, उनका नाम भी बिहार की सूची से हटाया गया है। यदि किसी का नाम गलती से कट गया हो, तो बीएलओ से संपर्क करें, वो दोबारा नाम जुड़वा सकते हैं।