पटना :-बिहार में BPSC (बिहार लोक सेवा आयोग) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (CCE) को रद्द करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। करीब दो महीनों से पटना के गर्दनीबाग में धरना दे रहे ये अभ्यर्थी अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। सोमवार को पटना की सड़कों पर छात्रों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था, और अब उनका दावा है कि मंगलवार को इससे भी अधिक संख्या में अभ्यर्थी आंदोलन में शामिल होंगे।
इस प्रदर्शन को शिक्षक खान सर और गुरु रहमान (मोतीउर रहमान खान) का समर्थन मिल रहा है। सोमवार को खान सर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच मौजूद रहे और उन्होंने कहा कि जब तक सरकार और आयोग उनकी मांगें नहीं मानते, आंदोलन जारी रहेगा। बताया जा रहा है कि पटना में मंगलवार को महाजुटान हो सकता है, जिसे देखते हुए पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि प्रदर्शनकारी अपने धरना स्थल से बाहर न निकलें और किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शन न करें।
BPSC ने 13 दिसंबर 2023 को 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की थी, लेकिन परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए। इसके बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने परीक्षा को रद्द करने की मांग की। हालांकि, बिहार सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था और विवादित परीक्षा केंद्र पर 12,000 अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। बावजूद इसके, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया को अवैध घोषित किया जाए और सभी अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा दोबारा कराई जाए।
खान सर और गुरु रहमान ने खुलकर इस आंदोलन का समर्थन किया है। सोमवार को इन दोनों शिक्षकों ने पटना में छात्रों के साथ मुसल्लमपुर से गर्दनीबाग तक विरोध मार्च निकाला, जिसमें सैकड़ों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों को बुलंद किया और सरकार से परीक्षा रद्द करने की गुहार लगाई।
खान सर ने साफ कहा कि जब तक आयोग परीक्षा रद्द नहीं करता, तब तक यह आंदोलन कमजोर नहीं पड़ेगा। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की अपील भी की। उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले दिनों में छात्रों की संख्या और बढ़ेगी, जिससे यह आंदोलन और मजबूत होगा।
पटना में लगातार बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में है। अधिकारियों ने धरना स्थल की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है ताकि कोई भी प्रदर्शनकारी अनाधिकृत रूप से अन्य जगहों पर विरोध प्रदर्शन न कर सके। पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया है कि आंदोलन की वजह से आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बिहार सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा रद्द करने का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि केवल एक परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी पाई गई थी, जिसके लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा चुके हैं। लेकिन आंदोलनरत छात्रों का कहना है कि लीक की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और पूरे राज्य में परीक्षा को फिर से आयोजित किया जाना चाहिए।
BPSC अभ्यर्थियों का यह आंदोलन अब राज्यव्यापी मुद्दा बन चुका है। हर दिन प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ रही है, और अब इसमें शिक्षकों और अन्य संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। खान सर और गुरु रहमान जैसे शिक्षकों की मौजूदगी से आंदोलन को और बल मिला है।
अब यह देखना होगा कि बिहार सरकार और BPSC इस मुद्दे पर क्या निर्णय लेते हैं। यदि आयोग अपनी स्थिति पर अड़े रहता है, तो आंदोलन और तेज हो सकता है। वहीं, अगर सरकार छात्रों की मांगों पर विचार करती है, तो इसका समाधान निकालने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। फिलहाल, पटना के गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है और वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।