इंपैक्ट लाइव टीम पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं, और इस बीच सी-वोटर के ताजा सर्वे ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। इंडिया टुडे-सी वोटर द्वारा किए गए इस सर्वे में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव को बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे पसंदीदा उम्मीदवार बताया गया है। वहीं, लंबे समय से बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार इस सर्वे में तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। यह सर्वे बिहार की सियासत में एक बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है।
सी-वोटर सर्वे के अनुसार, बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए जनता की पसंद इस प्रकार है,
• 35.5% लोगों ने तेजस्वी को अपनी पहली पसंद बताया। हालांकि, उनकी लोकप्रियता फरवरी 2025 के 40.6% से थोड़ी कम हुई है।
• 15% लोग प्रशांत किशोर को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं, जो उनकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
• नीतीश कुमार को 15.4% लोगों ने पसंद किया, जो फरवरी 2025 के 18.4% से कम है। वह तीसरे स्थान पर हैं।
• 8% लोग सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।
• 4% लोगों ने चिराग को अपनी पसंद बताया।
सर्वे में यह भी सामने आया कि 50% से अधिक मतदाता बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए सरकार को बदलना चाहते हैं, जो नीतीश कुमार और उनके सहयोगियों के लिए एक चिंता का विषय हो सकता है।
यह सर्वे इंडिया टुडे-सी वोटर द्वारा 2 जनवरी से 9 फरवरी 2025 के बीच किया गया, जिसमें सभी लोकसभा क्षेत्रों के 1,25,125 मतदाताओं की राय ली गई। सर्वे में नए इंटरव्यू के साथ-साथ लंबे समय के ट्रैकिंग डेटा को भी शामिल किया गया। यह सर्वे बिहार विधानसभा चुनाव, जो अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने की उम्मीद है, से पहले मतदाताओं के मूड को समझने का प्रयास करता है।सी-वोटर के संस्थापक यशवंत देशमुख ने नीतीश कुमार की लोकप्रियता में कमी के कई कारण बताए उन्होंने कहा नीतीश कुमार के बार-बार गठबंधन बदलने (एनडीए से महागठबंधन और फिर वापस एनडीए) ने उनकी विश्वसनीयता को प्रभावित किया है।
तेजस्वी यादव की लोकप्रियता का मुख्य कारण उनकी युवा छवि और बेरोजगारी, शिक्षा, और विकास जैसे मुद्दों पर उनकी सक्रियता है। हालांकि, उनकी लोकप्रियता में 5% की कमी आई है, जिसे विशेषज्ञ कांग्रेस की बिहार में बढ़ती सक्रियता और आरजेडी के पूर्ण पैमाने पर प्रचार शुरू न करने से जोड़कर देख रहे हैं। सर्वे के बाद पटना में आरजेडी कार्यकर्ताओं ने तेजस्वी के समर्थन में पोस्टर लगाए, जिसमें उनकी लोकप्रियता को जोश हाई करने वाला बताया गया।सर्वे में मतदाताओं ने अपनी प्राथमिक चिंताओं को भी साझा किया, सर्वे रिपोर्ट्स के मुताबिक 45% लोगों ने बेरोजगारी को सबसे बड़ी समस्या बताया,11% लोगों ने महंगाई को मुख्य मुद्दा माना,10% लोगों ने बुनियादी सुविधाओं की कमी को उठाया,दोनों को 4-4% लोगों ने प्रमुख समस्या बताया।