Saturday 09-May-2026

चंदन मिश्रा हत्याकांड: एसटीएफ की ताबड़तोड़ छापेमारी, शूटरों की तलाश में पुलिस को मिली अहम सफलता

चंदन मिश्रा हत्याकांड: एसटीएफ की ताबड़तोड़ छापेमारी, शूटरों की तलाश में पुलिस को मिली अहम सफलता

इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार की राजधानी पटना के पारस अस्पताल में कुख्यात गैंगस्टर चंदन मिश्रा की सनसनीखेज हत्या के मामले में बिहार पुलिस और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने जांच को तेज कर दिया है। गुरुवार सुबह हुई इस हत्या ने पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हत्याकांड में शामिल शूटरों की तलाश में एसटीएफ ने पटना, वैशाली, और मुजफ्फरपुर सहित कई शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है। पुलिस को इस मामले में कई अहम सुराग मिले हैं, और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

चंदन मिश्रा, जो बक्सर का कुख्यात अपराधी था और 2011 में व्यापारी राजेंद्र केसरी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था, को गुरुवार सुबह पारस अस्पताल के आईसीयू में पांच हथियारबंद हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। चंदन मिश्रा को स्वास्थ्य कारणों से 15 दिन की पैरोल पर बेउर सेंट्रल जेल से रिहा किया गया था, और वह इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती था। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि पांच बदमाश, जिनमें से एक की पहचान तौसीफ बादशाह के रूप में हुई है, फिल्मी अंदाज में हथियार लहराते हुए अस्पताल में घुसे और चंदन के वार्ड में जाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की।पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह हत्या गैंगवार का परिणाम हो सकती है। चंदन मिश्रा और कुख्यात अपराधी शेरू सिंह पहले बक्सर में साथ मिलकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते थे, लेकिन बाद में दोनों के बीच विवाद हो गया था। पुलिस का मानना है कि इस हत्याकांड के पीछे शेरू सिंह का हाथ हो सकता है, जिसने जेल से ही इस साजिश को अंजाम दिया।

हत्याकांड के बाद बिहार पुलिस और एसटीएफ ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। गुरुवार देर रात से लेकर शुक्रवार तक, एसटीएफ ने फुलवारी शरीफ के गुलिस्तान और मिन्हाज नगर मोहल्लों, वैशाली, और मुजफ्फरपुर में संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इन छापेमारियों में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं, और चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि हत्याकांड में शामिल पांचों शूटरों की पहचान कर ली गई है। इनमें मुख्य शूटर तौसीफ उर्फ बादशाह, आकिब मालिक, सोनू, कालू उर्फ मुस्तकीम, और भिंडी उर्फ बलवंत सिंह शामिल हैं। तौसीफ बादशाह, जो फुलवारी शरीफ का रहने वाला है, को इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। पुलिस ने तौसीफ की गिरफ्तारी की पुष्टि की है, जबकि अन्य शूटरों की तलाश में छापेमारी जारी है।

सीसीटीवी फुटेज में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद ये शूटर बाइक पर सवार होकर पिस्तौल लहराते हुए जश्न मनाते हुए फरार हुए। एक छठा बदमाश, जो हेलमेट और मास्क पहने हुए था, अस्पताल के बाहर रेकी कर रहा था।इस सनसनीखेज हत्याकांड ने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों, खासकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस ने नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधा है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, पटना के अस्पताल में दिनदहाड़े हत्या होना दर्शाता है कि बिहार में जंगलराज की स्थिति है।वहीं, पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे लाया जाएगा।हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पांच बदमाश आराम से अस्पताल में प्रवेश करते हैं, हथियार निकालते हैं, और चंदन मिश्रा के वार्ड में जाकर फायरिंग करते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था।

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