इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार में बेरोजगारी और पलायन के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने आज राज्य के 25 जिलों में नौकरी दो या सत्ता छोड़ो अभियान के तहत जोरदार प्रदर्शन किया। पटना के नियोजन भवन के सामने आयोजित मुख्य प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राठौर, और भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चंदेल ने नेतृत्व किया। हजारों कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बेरोजगारी को आगामी 2025 विधानसभा चुनाव का प्रमुख मुद्दा बनाने का ऐलान किया। इस प्रदर्शन ने बिहार की सियासत में नई हलचल मचा दी है।
पटना के नियोजन भवन पर सुबह 10 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर नौकरी दो या सत्ता छोड़ो, नीतीश-मोदी जवाब दो, और बेरोजगारी हटाओ, बिहार बचाओ जैसे नारे लगाए। दीपेंद्र हुड्डा ने खुद गाड़ी चलाकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और नियोजन भवन के गेट पर चढ़कर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ताओं का जोश देखते ही बनता था।
राज्य के 25 जिलों, जिनमें मधुबनी, बेतिया (पश्चिम चंपारण), शेखपुरा, दरभंगा, और मुजफ्फरपुर शामिल हैं, जिला रोजगार कार्यालयों के बाहर इसी तरह के प्रदर्शन हुए। मधुबनी में समाहरणालय के सामने और बेतिया में कलेक्ट्रेट चौक पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। शेखपुरा में युवा कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष माधव आनंद ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। कई जगहों पर कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक रूप से रोजगार कार्यालयों के ताले तोड़ने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने रोका।
कांग्रेस ने इस महा प्रदर्शन के जरिए बिहार में बेरोजगारी और पलायन की गंभीर समस्या को उजागर करने की कोशिश की। पार्टी ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार और केंद्र की बीजेपी सरकार ने बिहार के युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, बिहार के युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं। नीतीश और मोदी की डबल इंजन सरकार ने बिहार को बेरोजगारी का गढ़ बना दिया है। हमारी मांग साफ है नौकरी दो, वरना सत्ता छोड़ो।बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राठौर ने कहा, बिहार से हर साल लाखों युवा दिल्ली, मुंबई, और गुजरात जैसे राज्यों में पलायन कर रहे हैं। सरकार के पास कोई ठोस रोजगार नीति नहीं है। हम इस प्रदर्शन के जरिए बिहार के युवाओं की आवाज को विधानसभा तक पहुंचाएंगे।