पटना:- बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के सरकारी आवास पर तैनात उनके अंगरक्षक (हाउस गार्ड) ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना दिलीप जायसवाल के सचिवालय थाना क्षेत्र स्थित आवास पर हुई।सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर करीब 2:00 बजे के आसपास दिलीप जायसवाल के आवास पर तैनात हाउस गार्ड ने अचानक अपनी सर्विस पिस्टल निकाली और खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनते ही आवास पर मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ ने घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई, लेकिन तब तक गार्ड की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई, जिसके बाद सचिवालय थाना पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। मृतक गार्ड की पहचान अभी तक आधिकारिक तौर पर उजागर नहीं की गई है, लेकिन बताया जा रहा है कि वह बिहार पुलिस का जवान था और पिछले कुछ समय से दिलीप जायसवाल की सुरक्षा में तैनात था।
पटना पुलिस ने घटनास्थल से गार्ड की लाइसेंसी पिस्टल और गोली का खोल बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, लेकिन सभी पहलुओं से जाँच की जा रही है। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने कहा, “हम घटना की हर संभावना को देख रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जाँच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। गार्ड के परिवार और सहकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके।पुलिस ने यह भी बताया कि घटना के समय दिलीप जायसवाल अपने आवास पर मौजूद थे या नहीं, इसकी जानकारी अभी जुटाई जा रही है।फिलहाल, गार्ड द्वारा आत्महत्या करने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। कुछ लोगों का अनुमान है कि व्यक्तिगत तनाव या मानसिक दबाव इसके पीछे हो सकता है।बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा, यह एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना है। मेरे आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मी ने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह समझ से परे है। मैं पुलिस से इस मामले की गहन जाँच करने की अपील करता हूँ ताकि सच सामने आ सके।” जायसवाल ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि वह इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ हैं।इस घटना ने बिहार के राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दलों ने इसे राज्य में कानून-व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों से जोड़कर सरकार पर निशाना साधा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एक नेता ने कहा, यह घटना दिखाती है कि बिहार में हालात कितने खराब हैं। सुरक्षाकर्मी तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या हाल होगा?वहीं, बीजेपी नेताओं ने इसे व्यक्तिगत मामला बताते हुए राजनीति न करने की अपील की है।