इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार की राजधानी पटना में मशहूर उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या के मामले में बिहार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सोमवार देर रात, 7 जुलाई 2025 को, विशेष कार्य बल और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने हत्याकांड में शामिल एक प्रमुख आरोपी, विकास उर्फ राजा, को मुठभेड़ में मार गिराया। यह गोपाल खेमका हत्याकांड में पहला एनकाउंटर है, और पुलिस का दावा है कि विकास ने हत्यारे शूटर उमेश यादव को हथियार उपलब्ध कराए थे।
पटना के मालसलामी क्षेत्र में देर रात विशेष कार्य बल और पटना पुलिस की टीम ने विकास उर्फ राजा की लोकेशन का पता लगाया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विकास अवैध हथियारों का निर्माण और बिक्री करता था। जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तो उसने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में विशेष कार्य बल ने फायरिंग की, जिसमें विकास गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।पुलिस के अनुसार, विकास उर्फ राजा ने हत्यारे उमेश यादव को हथियार उपलब्ध कराए थे। वह अवैध हथियारों की तस्करी और निर्माण में शामिल था। उमेश की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने विकास को ट्रैक किया। विकास की मुठभेड़ में मौत के बाद पुलिस ने उसके पास से हथियार और अन्य सबूत बरामद किए हैं।
पटना के सिटी एसपी (सेंट्रल) दीक्षा कुमारी ने बताया, विकास इस हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण कड़ी था। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही थी, लेकिन उसने पुलिस पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार, 8 जुलाई को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की घोषणा की है, जिसमें हत्याकांड और एनकाउंटर से जुड़े और विवरण साझा किए जाएंगे। पुलिस ने बेउर जेल में छापेमारी के बाद प्रतिबंधित सामग्री बरामद की थी और कई जेल कर्मियों को निलंबित किया था, क्योंकि साजिश में जेल से तार जुड़े होने का शक है।
बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने कहा, हम इस मामले में सभी दोषियों को पकड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।यह हत्याकांड इसलिए भी दुखद है, क्योंकि 2018 में गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी हाजीपुर में गोली मारकर हत्या की गई थी। उस मामले में भी हत्यारे पकड़े नहीं गए थे, और अब गोपाल की हत्या ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।