Thursday 30-Apr-2026

जमीन के बदले नौकरी मामले में लालू को बड़ा झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने लोअर कोर्ट की कार्यवाही पर रोक से किया इनकार

जमीन के बदले नौकरी मामले में लालू को बड़ा झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने लोअर कोर्ट की कार्यवाही पर रोक से किया इनकार

इंपैक्ट लाइव टीम पटना :नौकरी घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने लालू की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो की एफ आई आर और निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी। कोर्ट के इस फैसले से लालू और उनके परिवार के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाही अब और तेज होने की संभावना है।

जमीन के बदले नौकरी घोटाला 2004-2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे। सीबीआई  की एफआईआर के अनुसार, इस दौरान भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर नियुक्तियों के बदले उम्मीदवारों या उनके परिवारों से जमीन रिश्वत के रूप में ली गई थी। ये जमीनें लालू के परिवार के सदस्यों, जैसे उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव, या उनके करीबी सहयोगियों के नाम पर ट्रांसफर की गई थीं। सीबीआई  ने इस मामले में 2022, 2023 और 2024 में तीन चार्जशीट दाखिल की हैं, जिसमें 78 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की और 8 जनवरी 2024 को पहली चार्जशीट दाखिल की, जिसमें लालू के परिवार के सदस्यों और दो कंपनियों का नाम शामिल था। 6 अगस्त 2024 को ईडी ने लालू, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, और अन्य के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की।लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, और हेमा यादव को इस मामले में कई बार समन जारी किए गए हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 7 अक्टूबर 2024 को लालू, तेजस्वी, और तेज प्रताप को 1 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी, क्योंकि जांच के दौरान उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था। 25 फरवरी 2025 को कोर्ट ने लालू, तेज प्रताप, हेमा यादव, और तेजस्वी को 11 मार्च को पेश होने के लिए समन जारी किया था।इसके अलावा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सितंबर 2024 में सीबीआई को लालू के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी, और 8 मई 2025 को ED को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई थी।लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव ने इस मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया है। लालू ने कोर्ट के बाहर कहा, हमें न्यायपालिका पर भरोसा है।तेजस्वी ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। राजद कार्यकर्ताओं ने ईडी और सीबीआई कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किए, और पार्टी ने इसे राजनीतिक बदले का मामला बताया।

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