पटना: बिहार की राजधानी पटना में महत्वाकांक्षी जेपी गंगा पथ में उद्घाटन के मात्र 72 घंटों के भीतर दरारें पड़ने की खबर ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। यह प्रोजेक्ट, जिसे नीतीश कुमार सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक माना जा रहा था, अब पथ निर्माण विभाग की गुणवत्ता और जवाबदेही पर सवाल उठा रहा है। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि विपक्षी दलों को भी सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया है।जेपी गंगा पथ, जिसे गंगा ड्राइववे के नाम से भी जाना जाता है, पटना में गंगा नदी के किनारे बनाया गया एक आधुनिक एक्सप्रेसवे है। इसका उद्देश्य शहर में यातायात को सुगम बनाना, पर्यटन को बढ़ावा देना, और बिहार की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मजबूत करना था। इस परियोजना पर अरबों रुपये खर्च किए गए हैं, और इसे नीतीश सरकार की उपलब्धियों में से एक के रूप में प्रचारित किया गया था। 8 अप्रैल 2025 को इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भव्य समारोह के साथ किया था।स्थानीय लोगों ने गंगा पथ के कुछ हिस्सों में दरारें और सतह पर असमानता देखी। खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए, जिसमें साफ दिख रहा था कि सड़क की सतह पर कई जगहों पर दरारें पड़ चुकी हैं। यह खबर इसलिए भी चौंकाने वाली थी क्योंकि सड़क को अभी पूरी तरह जनता के लिए खोला भी नहीं गया था।
पथ निर्माण विभाग ने इस घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए जांच के आदेश दिए हैं। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि ये दरारें मामूली हैं और सड़क की संरचना को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, हमने विशेषज्ञों की एक टीम गठित की है, जो दरारों के कारणों की जांच कर रही है। यह मौसम, मिट्टी की स्थिति, या निर्माण सामग्री का मामला हो सकता है। जल्द ही मरम्मत का काम शुरू होगा।हालांकि, विभाग के इस बयान पर लोगों ने सवाल उठाए हैं। कई लोगों का मानना है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट में ऐसी लापरवाही अस्वीकार्य है।
इस घटना ने विपक्षी दलों को नीतीश सरकार पर हमला करने का बड़ा मौका दे दिया है।राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा, 72 घंटे में गंगा पथ में दरारें नीतीश सरकार की नाकामी का सबूत हैं। यह भ्रष्टाचार और लापरवाही का नमूना है। बिहार की जनता इसका जवाब देगी।बिहार कांग्रेस ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा, यह प्रोजेक्ट बिहार की जनता के टैक्स के पैसे से बना है। अगर इसमें भ्रष्टाचार हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।गठबंधन सहयोगी बीजेपी ने अभी इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पार्टी आंतरिक रूप से इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले पर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार वह इस घटना से नाराज हैं और अधिकारियों से जवाब मांग रहे हैं। सरकार ने मरम्मत कार्य जल्द शुरू करने का वादा किया है और ठेकेदार कंपनी पर जुर्माना लगाने की बात भी सामने आ रही है।पथ निर्माण मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, और जनता को जल्द ही एक सुरक्षित सड़क दी जाएगी।