Sunday 14-Dec-2025

लखीसराय के कजरा में बन रही देश की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा एवं बैटरी भंडारण परियोजना

लखीसराय के कजरा में बन रही देश की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा एवं बैटरी भंडारण परियोजना

पटना :-बिहार के लखीसराय जिले के कजरा में देश की सबसे बड़ी बैटरी भंडारण सौर ऊर्जा परियोजना आकार ले रही है। इस परियोजना के अगस्त 2025 से शुरू होने की संभावना है। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत कुल 301 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा और 495 मेगावाट आवर बिजली को उन्नत बैटरी सिस्टम में संग्रहीत किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि रात के समय भी निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे बिजली संकट काफी हद तक कम हो जाएगा।परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा

ऊर्जा विभाग के अनुसार, कजरा सौर ऊर्जा परियोजना को दो हिस्सों में विकसित किया जा रहा है।

 पहला चरण: इसमें 185 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के साथ 254 मेगावाट आवर बैटरी भंडारण प्रणाली स्थापित की जा रही है। इस कार्य को लार्सन एंड टूब्रो (L&T) के द्वारा पूरा किया जाएगा।

दूसरा चरण: इस चरण में 116 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन और 241 मेगावाट आवर बैटरी भंडारण प्रणाली तैयार की जाएगी। इस योजना को राज्य मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिल चुकी है और निविदा भी जारी हो चुकी है।दोनों चरणों के अंतर्गत कार्य 2025-26 तक पूर्ण होने की संभावना है।इस परियोजना से बिहार को बिजली कटौती जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी और सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा मिलेगी। खासकर रात में बैटरी में संग्रहीत बिजली का उपयोग किया जाएगा, जिससे पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता घटेगी। यह योजना नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

परियोजना के मुख्य लाभ.            

  1.रात में भी बिना रुकावट बिजली आपूर्ति होगी।

2. 301 मेगावाट हरित ऊर्जा (Green Energy) का उत्पादन।

 3.495 मेगावाट आवर की बैटरी भंडारण क्षमता – देश की सबसे बड़ी।

4.कार्बन उत्सर्जन में कमी, जिससे जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद मिलेगी।

5. स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।

6. पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा।

 राज्य के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है। इस परियोजना से बिहार में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। साथ ही, देश की सबसे बड़ी 495 मेगावाट आवर विद्युत बैटरी भंडारण प्रणाली स्थापित होगी, जिससे बिहार ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर होगा।

इस परियोजना पर कुल 1,810.34 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसे 80-20 मॉडल के तहत पूरा किया जाएगा, जिसमें 80% राशि वित्तीय संस्थानों से और 20% पूंजीगत निवेश से जुटाई जाएगी।

 परियोजना के लिए 1,232 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। परियोजना के निर्माण, संचालन और रखरखाव में स्थानीय कुशल और अकुशल श्रमिकों को काम मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

Advertisement

impact add3

Advertisement

impact add3