Thursday 30-Apr-2026

मधुबनी रेलवे स्टेशन का कायाकल्प,20 करोड़ की लागत से मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

मधुबनी रेलवे स्टेशन का कायाकल्प,20 करोड़ की लागत से मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार के मधुबनी रेलवे स्टेशन को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए बड़े पैमाने पर पुनर्विकास कार्य शुरू हो चुका है। भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत मधुबनी स्टेशन के कायाकल्प के लिए 20 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना का लक्ष्य स्टेशन को न केवल आधुनिक बनाना है, बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देना भी है। कार्य 2025 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।

मधुबनी रेलवे स्टेशन, जो मिथिलांचल क्षेत्र का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है, को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।स्टेशन पर वातानुकूलित प्रतीक्षालय, मुफ्त वाई-फाई, और बेहतर बैठने की व्यवस्था की जाएगी।सभी प्लेटफॉर्म को चौड़ा और मजबूत किया जाएगा ताकि भीड़भाड़ को कम किया जा सके। साथ ही, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।सीसीटीवी कैमरे, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के लिए नए बैरक, और आपातकालीन सेवाओं के लिए उन्नत व्यवस्था की जाएगी।स्टेशन पर सौर ऊर्जा पैनल, रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।

मधुबनी की प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग को स्टेशन की दीवारों और सजावट में शामिल किया जाएगा, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देगा।स्टेशन के बाहर दो मंजिला पार्किंग और यातायात प्रबंधन के लिए बेहतर सड़क कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी।इसके अलावा, स्टेशन पर खानपान की बेहतर सुविधाएं, स्वच्छ पेयजल, और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।मधुबनी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास भारतीय रेलवे की अमृत भारत स्टेशन योजना का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर के 1,300 से अधिक स्टेशनों को आधुनिक बनाया जा रहा है। मधुबनी जिले में मधुबनी स्टेशन के साथ-साथ सकरी और जयनगर रेलवे स्टेशनों का भी पुनर्विकास किया जा रहा है, जिसके लिए कुल 56 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई है।मधुबनी स्टेशन का कायाकल्प न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देगा। मधुबनी और आसपास के क्षेत्रों में मखाना उत्पादन, हस्तशिल्प, और कृषि जैसे छोटे उद्योगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी से लाभ मिलेगा। हाल ही में शुरू हुई जयनगर-पटना के बीच नमो भारत रैपिड रेल और अन्य नई ट्रेन सेवाएं मधुबनी को राज्य की राजधानी पटना से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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