पटना:- 19 मार्च 2025 को बिहार विधानसभा में एक बड़ी घोषणा की गई कि राज्य में बिजली की गुणवत्ता और आपूर्ति को बेहतर करने के लिए मिशन मोड में काम किया जाएगा। इसके तहत बिहार में 262 नए पावर सब-स्टेशन बनाए जाएँगे। यह योजना बिहार सरकार और ऊर्जा विभाग की ओर से राज्य में बिजली संकट को खत्म करने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।बिहार में बिजली की समस्या लंबे समय से एक प्रमुख मुद्दा रही है। ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती, कम वोल्टेज और ट्रांसफार्मरों की कमी की शिकायतें आम हैं। शहरी क्षेत्रों में भी बढ़ती माँग के कारण आपूर्ति में कमी देखी जाती है। इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में बताया कि इन नए सब-स्टेशनों से न केवल बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी सुधरेगी।
राज्य के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से 262 नए सब-स्टेशन स्थापित किए जाएँगे। इनमें से कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे, जहाँ बिजली की सबसे अधिक कमी है।इन सब-स्टेशनों की क्षमता अलग-अलग होगी, जैसे 33/11 केवी और 132/33 केवी, जो स्थानीय माँग के अनुसार तैयार की जाएगी।यह परियोजना मिशन मोड में पूरी की जाएगी, जिसका मतलब है कि इसे तय समयसीमा के भीतर तेजी से लागू किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने की बात कही है।पहले चरण में 100 सब-स्टेशन 2025 के अंत तक चालू करने का लक्ष्य है।इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर फंडिंग करेंगी। अनुमानित लागत करीब 5000 करोड़ रुपये बताई जा रही है।बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) और अन्य बिजली वितरण कंपनियाँ इस योजना को लागू करेंगी।