Monday 08-Dec-2025

नीतीश कुमार का अचानक जेडीयू कार्यालय दौरा: कार्यकर्ताओं में जोश, सियासी हलचल तेज

नीतीश कुमार का अचानक जेडीयू कार्यालय दौरा: कार्यकर्ताओं में जोश, सियासी हलचल तेज

इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आज सुबह अचानक पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित जेडीयू कार्यालय का दौरा किया। यह दौरा बिना किसी पूर्व घोषणा के हुआ, जिसने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया। नीतीश के साथ राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री अशोक चौधरी और जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी मौजूद रहे। इस दौरे ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी हलचल को तेज कर दिया है।उनके आगमन की खबर फैलते ही कार्यालय में मौजूद कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। नीतीश ने कार्यालय का जायजा लिया और वहाँ मौजूद नेताओं व कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने पार्टी की गतिविधियों की जानकारी ली और कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सक्रिय रहने का निर्देश दिया। नीतीश ने कहा, हमें जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनना है और उनके समाधान के लिए काम करना है। पार्टी का हर कार्यकर्ता इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाए।जेडीयू के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, मुख्यमंत्री जी का अचानक आना हम सभी के लिए प्रेरणादायक रहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद किया और हमें चुनावी तैयारियों के लिए दिशा-निर्देश दिए। उनका यह दौरा हमें नई ऊर्जा देता है।

नीतीश कुमार का यह अचानक दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोरों पर हैं। हाल ही में 25 मई को दिल्ली में आयोजित एनडीए कॉन्क्लेव में नीतीश ने हिस्सा लिया था।हाल के दिनों में नीतीश कुमार की गतिविधियाँ चर्चा का विषय बनी हुई हैं। 25 मई को दिल्ली में आयोजित एनडीए कॉन्क्लेव में उनकी उपस्थिति और बीच में बाहर निकलने की खबर ने कई सवाल खड़े किए थे। इसके अलावा, हाल ही में उन्होंने बिहार में संभावित बाढ़ और सुखाड़ की तैयारियों की समीक्षा की थी और 51.90 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी थी। नीतीश ने पटना में देश के अत्याधुनिक साइबर अनुसंधान केंद्र का भी उद्घाटन किया, जिसे साइबर अपराधों के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है।इन सभी गतिविधियों को देखते हुए, उनका जेडीयू कार्यालय का यह दौरा पार्टी को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश इस दौरे के जरिए यह संदेश देना चाहते हैं कि वे चुनावी तैयारियों में पूरी तरह सक्रिय हैं और विपक्ष को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार हैं।

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