Thursday 19-Feb-2026

पहलगाम आतंकी हमले में बिहार के मनीष रंजन की गई जान,परिवार के सामने हुई हत्या गांव में छाया मातम

पहलगाम आतंकी हमले में बिहार के मनीष रंजन की गई जान,परिवार के सामने हुई हत्या गांव में छाया मातम

पटना : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हमले में 28 लोगों की जान चली गई, जिसमें बिहार के रोहतास जिले के मूल निवासी और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी मनीष रंजन भी शामिल थे। मनीष, जो हैदराबाद में IB के मिनिस्ट्रियल सेक्शन में तैनात थे, अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ छुट्टियां मनाने पहलगाम गए थे। आतंकियों ने बाइसारन घाटी में पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें मनीष की पत्नी और बच्चों के सामने ही उनकी हत्या कर दी गई। इस घटना ने उनके पैतृक गांव अरुही और पूरे बिहार में शोक की लहर फैला दी है।

मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे, पहलगाम के बाइसारन घाटी में, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से भी जाना जाता है, आतंकियों ने पर्यटकों के एक समूह पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है और गर्मियों में पर्यटकों से गुलजार रहता है। हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की मौत हुई, जबकि 17 अन्य घायल हुए। मनीष रंजन अपनी पत्नी आशा (उर्फ जया), 12 साल के बेटे, और 8 साल की बेटी के साथ लीव ट्रैवल कन्सेशन के तहत छुट्टियां बिताने गए थे। वे वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा की योजना बना रहे थे, लेकिन पहलगाम में यह त्रासदी उनकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल गई। आतंकियों ने मनीष से उनका धर्म पूछा और फिर गोली मार दी। मनीष ने अपनी पत्नी और बच्चों को बचाने की कोशिश की, और सौभाग्यवश उनके परिवार के अन्य सदस्य सुरक्षित रहे। इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली, जो पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा का एक छद्म संगठन माना जाता है।

मनीष रंजन, जो मूल रूप से रोहतास जिले के अरुही गांव के रहने वाले थे, IB के हैदराबाद कार्यालय में एक समर्पित अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। उनके पिता, मंगलेश मिश्रा, झालदा हिंदी हाई स्कूल (पश्चिम बंगाल) के रिटायर्ड हेडमास्टर हैं, और परिवार का मूल निवास बिहार में है। मनीष तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और अपने परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत थे। उनके चाचा, अलोक प्रियदर्शी, ने बताया कि मनीष ने तीन दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर की यात्रा शुरू की थी, और परिवार इस ट्रिप को लेकर उत्साहित था। अलोक ने केंद्र सरकार से न्याय की मांग की है।मनीष के एक अन्य रिश्तेदार, डॉ. सुरेंद्र मिश्रा, ने कहा, मनीष का परिवार इस यात्रा को लेकर बहुत खुश था। यह सोचना भी असहनीय है कि ऐसी त्रासदी उनके साथ होगी।मनीष की पत्नी और बच्चे सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया है।इस हमले के बाद पूरे देश में गुस्से का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब की अपनी यात्रा बीच में छोड़कर दिल्ली लौटते ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। पीएम ने हमले की निंदा करते हुए कहा, इस कायरतापूर्ण कृत्य के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में पुलिस कंट्रोल रूम का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, भारत आतंक के आगे नहीं झुकेगा। इस हमले के अपराधियों को कड़ी सजा दी जाएगी।शाह ने पहलगाम में सुरक्षा स्थिति का जायजा भी लिया।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक कर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। सेना, CRPF, और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इलाके को घेर लिया है, और दो आतंकियों को मार गिराया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम भी जांच के लिए पहलगाम पहुंची है।

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