पटना: बिहार की राजधानी पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार शाम एक बड़ा विमान हादसा होने से बाल-बाल बच गया। पुणे से पटना आ रही इंडिगो की फ्लाइट (6E-653) पर लैंडिंग के दौरान किसी ने डीजे की लेजर लाइट मारी, जिसके कारण विमान का संतुलन बिगड़ गया और पायलट की आंखें चौंधिया गईं। पायलट की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के कारण विमान सुरक्षित रूप से उतर गया, जिससे 172 यात्रियों की जान बच गई। इस घटना के बाद नागर विमानन महानिदेशालय ने जांच के आदेश दिए हैं, और स्थानीय पुलिस ने लेजर लाइट के स्रोत की तलाश शुरू कर दी है।
घटना गुरुवार शाम करीब 6:40 बजे की है, जब इंडिगो की फ्लाइट पुणे से पटना लैंडिंग की तैयारी कर रही थी। जैसे ही विमान रनवे पर उतरने के लिए नीचे आ रहा था, अचानक एक तेज लेजर बीम ने पायलट की आंखों को प्रभावित किया। बताया जा रहा है कि यह लेजर लाइट पास के किसी आयोजन या परिसर से आई थी, संभवतः किसी डीजे इवेंट से। इस लेजर बीम के कारण विमान का संतुलन बिगड़ गया, और पायलट को विमान को नियंत्रित करने में कठिनाई हुई।हालांकि, पायलट ने अपनी कुशलता और सतर्कता दिखाते हुए विमान को सुरक्षित रूप से रनवे पर उतार लिया। लैंडिंग के बाद पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को इस घटना की जानकारी दी। इसके बाद विमान अपने अगले गंतव्य अहमदाबाद के लिए रवाना हो गया। इस घटना में किसी भी यात्री या चालक दल के सदस्य को कोई चोट नहीं आई, लेकिन यह हादसा एक बड़े खतरे की घंटी है।घटना की गंभीरता को देखते हुए DGCA ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। DGCA के अधिकारियों ने कहा कि लेजर लाइट का उपयोग हवाई अड्डे के आसपास करना एक गंभीर अपराध है, क्योंकि यह विमान की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। दूसरी ओर, पटना एयरपोर्ट और फुलवारी शरीफ थाने की पुलिस ने लेजर लाइट के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया और संदिग्ध स्थानों की जांच कर रही है।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल के अधिकारियों ने बताया कि लेजर लाइट के कारण पायलट की आंखें क्षणभर के लिए अंधी हो गई थीं, जिससे स्थिति और खतरनाक हो सकती थी। अधिकारियों ने कहा, ऐसी घटनाएं रोज नहीं होतीं, लेकिन शादी के मौसम में डीजे और लेजर लाइट का उपयोग बढ़ जाता है, जिससे खतरा बढ़ता है।लेजर लाइट का विमान पर पड़ना बेहद खतरनाक होता है, खासकर लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान, जब पायलट को पूर्ण एकाग्रता और स्पष्ट दृष्टि की आवश्यकता होती है। लेजर बीम पायलट की आंखों को अस्थायी रूप से अंधा कर सकती है, जिससे विमान का नियंत्रण खोने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी घटनाएं न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि हवाई यातायात की पूरी प्रणाली को प्रभावित कर सकती हैं।