इम्पैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार की राजधानी पटना के पारस अस्पताल में गुरुवार सुबह, को एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। अज्ञात हमलावरों ने अस्पताल के दूसरे माले पर भर्ती एक कैदी, चंदन मिश्रा, पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की, जिससे उसकी मौत हो गई। यह घटना सुबह करीब 7:30 बजे शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में स्थित पारस अस्पताल में हुई। इस गोलीकांड ने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब राज्य विधानसभा चुनाव नजदीक हैं।
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, चंदन मिश्रा नाम का एक कुख्यात अपराधी, जो बक्सर जिले का रहने वाला था, मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए 15 दिन की पैरोल पर बाहर आया था। वह पारस अस्पताल के कमरा नंबर 209 में भर्ती था। गुरुवार सुबह चार हमलावर अस्पताल में घुसे और सीधे चंदन के कमरे में जाकर उस पर चार गोलियाँ दाग दीं। हमलावरों ने आईसीयू में घुसकर यह वारदात की, जिससे अस्पताल में मौजूद मरीजों, कर्मचारियों, नर्सों और डॉक्टरों में दहशत फैल गई। गोलीबारी के बाद हमलावर एक कार में सवार होकर फरार हो गए।
पटना पुलिस ने बताया कि चंदन मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, चंदन के खिलाफ हत्या सहित दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज थे। वह 2011 में एक स्थानीय व्यापारी, राजेंद्र केसरी, की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। उसकी पैरोल 18 जुलाई को खत्म होने वाली थी, और उसे बेउर जेल वापस लौटना था।पटना पुलिस और बक्सर पुलिस मिलकर हमलावरों की पहचान करने में जुट गई हैं। सेंट्रल रेंज (पटना) के आईजी जीतेंद्र राणा ने बताया कि यह हमला संभवतः किसी प्रतिद्वंद्वी गिरोह (राइवल गैंग) ने किया है। पुलिस को अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों की तस्वीरें मिली हैं, जिनके आधार पर उनकी तलाश जारी है।आईजी जीतेंद्र राणा ने यह भी कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि क्या अस्पताल के सुरक्षा गार्ड इस वारदात में शामिल थे, क्योंकि हमलावर हथियारों के साथ अंदर घुसने में कामयाब रहे। उन्होंने कहा, हर आने-जाने वाले की तलाशी होती है, फिर भी हमलावर हथियार लेकर कैसे घुसे, यह जांच का विषय है।
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने घटनास्थल पर पहुँचकर जांच शुरू की। शास्त्री नगर थाने के एस एच ओ अमर कुमार ने बताया कि हमलावरों में से चार ने अस्पताल में प्रवेश किया, जबकि पाँचवाँ व्यक्ति बाहर कार में इंतजार कर रहा था।पारस अस्पताल में हुई इस गोलीबारी ने वहाँ मौजूद मरीजों, उनके परिजनों, और कर्मचारियों में भय का माहौल पैदा कर दिया।यह गोलीकांड बिहार में हाल की कई हत्याओं की श्रृंखला का हिस्सा है। हाल ही में गोपाल खेमका, विक्रम झा, और अन्य लोगों की हत्याएँ हुई हैं, जिसने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। इस घटना ने विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल को और गर्मा दिया है।पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर हमलावरों की तलाश तेज कर दी है। साथ ही, यह भी जाँच की जा रही है कि अस्पताल की सुरक्षा में कहाँ चूक हुई। इस घटना ने बिहार में सुरक्षा व्यवस्था और जेल प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं, क्योंकि चंदन मिश्रा पैरोल पर था और उसकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी पुलिस की थी।