इम्पैक्ट लाइव टीम पटना : गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए भीषण विमान हादसे, जिसमें एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटनाग्रस्त होकर 265 लोगों की जान ले गई, ने बिहार की राजधानी पटना में 25 साल पहले हुए एक दर्दनाक हादसे की यादें ताजा कर दी हैं। 17 जुलाई 2000 को पटना के हवाई अड्डे के पास एलायंस एयर की फ्लाइट CD-7412 के दुर्घटनाग्रस्त होने से 60 लोगों की मौत हो गई थी, और यह हादसा आज भी स्थानीय लोगों के जेहन में जिंदा है। अहमदाबाद की त्रासदी ने उस भयावह मंजर को फिर से सामने ला दिया, जब पटना के गर्दनीबाग इलाके में एक विमान आवासीय क्षेत्र में गिरकर तबाही का कारण बना था।17 जुलाई 2000 की सुबह करीब 7:30 बजे, एलायंस एयर (एयर इंडिया की सहायक कंपनी) का बोइंग 737-200 विमान , फ्लाइट 7412, कोलकाता से दिल्ली के लिए उड़ान भर रहा था। यह विमान पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान रनवे से लगभग 2 किलोमीटर दूर गर्दनीबाग के एक रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में 52 यात्री और 6 चालक दल के सदस्य सवार थे। हादसे में 55 लोगों की मौत हो गई, जबकि जमीन पर मौजूद 5 लोगों ने भी अपनी जान गंवाई। केवल 3 यात्री और 2 चालक दल के सदस्य जीवित बचे, जिन्हें गंभीर चोटें आई थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान लैंडिंग के दौरान अचानक डगमगाया और तेजी से नीचे गिरा। यह एक सरकारी आवासीय कॉलोनी में जा टकराया, जिससे कई मकान ध्वस्त हो गए। टक्कर के बाद हुए विस्फोट से आग की लपटें और घना धुआं पूरे इलाके में फैल गया।विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की जांच में पायलट की गलती को हादसे का प्रमुख कारण माना गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार, पायलट ने लैंडिंग के दौरान विमान को गलत ऊंचाई पर रखा और गति को नियंत्रित करने में असफल रहे। विमान का एक इंजन भी लैंडिंग से ठीक पहले बंद हो गया था, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इसके अलावा, खराब मौसम और कम दृश्यता ने भी हादसे में भूमिका निभाई।हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने हवाई अड्डे की पुरानी तकनीक और अपर्याप्त सुरक्षा उपायों को भी जिम्मेदार ठहराया। उस समय पटना हवाई अड्डा छोटा था और आधुनिक नेविगेशन सिस्टम से लैस नहीं था।
अहमदाबाद और पटना के हादसों में कई समानताएं हैं। दोनों ही हादसे टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान हुए, और दोनों में विमान रिहायशी इलाकों में गिरा। अहमदाबाद में एयर इंडिया का बोइंग 787-8 मेघानी नगर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जबकि पटना में बोइंग 737-200 गर्दनीबाग में गिरा। दोनों हादसों में भारी जानमाल का नुकसान हुआ, और दोनों ने विमानन सुरक्षा पर सवाल उठाए।हालांकि, अहमदाबाद हादसे में मृतकों की संख्या (265) पटना (60) की तुलना में कहीं अधिक है। इसके अलावा, 2000 में तकनीकी संसाधन सीमित थे, जबकि 2025 में आधुनिक तकनीक के बावजूद इतना बड़ा हादसा होना चिंताजनक है।अहमदाबाद हादसे ने पटना के लोगों में 2000 की त्रासदी की यादें ताजा कर दी हैं।