Saturday 09-May-2026

पटना में देश का अत्याधुनिक साइबर अनुसंधान केंद्र शुरू,बिहार में साइबर अपराधों पर लगेगी लगाम

पटना में देश का अत्याधुनिक साइबर अनुसंधान केंद्र शुरू,बिहार में साइबर अपराधों पर लगेगी लगाम

इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार की राजधानी पटना में आज देश के सबसे अत्याधुनिक साइबर अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन किया गया, जो साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस केंद्र का उद्घाटन आर्थिक अपराध इकाई , बिहार पुलिस के परिसर में हुआ, और इसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कम्प्यूटिंग पटना और आर्थिक अपराध इकाई , बिहार के संयुक्त प्रयास से स्थापित किया गया है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य बिहार में बढ़ते साइबर अपराधों पर नकेल कसना और साइबर सुरक्षा को मजबूत करना है।इस साइबर अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। समारोह में बिहार पुलिस के महानिदेशक ,आर्थिक अपराध इकाई के वरिष्ठ अधिकारी, और सी -डैक के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। नीतीश कुमार ने इस अवसर पर कहा, बिहार में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बन गया है। यह केंद्र साइबर ठगों के खिलाफ एक हाईटेक हथियार होगा और बिहार को डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने में मदद करेगा। यह डिजिटल इंडिया पहल के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह अत्याधुनिक साइबर अनुसंधान केंद्र साइबर सुरक्षा और साइबर फोरेंसिक्स के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास पर केंद्रित है।यह केंद्र साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी, डेटा चोरी, और सोशल मीडिया से संबंधित अपराधों की तेजी से जांच करने में सक्षम होगा।केंद्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , मशीन लर्निंग, और डेटा एनालिटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

यह केंद्र बॉटनेट संक्रमणों और मालवेयर हमलों का पता लगाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम होगा।केंद्र के माध्यम से पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, साथ ही आम लोगों के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।सी-डैक पटना के एक प्रतिनिधि ने बताया, यह केंद्र साइबर अपराधों की रोकथाम और जांच में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। हमारा लक्ष्य बिहार में एक सुरक्षित साइबर क्षेत्र बनाना है, ताकि डिजिटल इंडिया का सपना साकार हो सके।बिहार में हाल के वर्षों में साइबर अपराधों में तेजी से वृद्धि हुई है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी लोन ऑफर, फिशिंग हमले, और सोशल मीडिया के दुरुपयोग की घटनाएं बढ़ी हैं। 2023 में बिहार में 44 साइबर थानों की स्थापना की गई थी, लेकिन अपराधों की जटिलता को देखते हुए एक केंद्रीकृत और उन्नत अनुसंधान केंद्र की जरूरत महसूस की जा रही थी। इस नए केंद्र से उम्मीद है कि साइबर अपराधियों पर लगाम लगेगी और पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलेगा।

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