इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार की राजधानी पटना में रविवार रात से हो रही भारी बारिश ने शहर को पानी-पानी कर दिया है। लगातार बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख इलाकों में गंभीर जलजमाव की स्थिति बन गई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हुई है, और रेल व हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। नगर निगम के दावों के बावजूद, जल निकासी की व्यवस्था नाकाम साबित हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
पटना के कई प्रमुख इलाकों जैसे राजेंद्र नगर, कंकड़बाग, पटना जंक्शन, पाटलिपुत्र, और डाक बंगला चौराहा में जलजमाव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। राजेंद्र नगर रोड नंबर 10 और किदवईपुरी जैसे क्षेत्रों में सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। कंकड़बाग और पटना सिटी में भी हालात बदतर हैं, जहां सड़कों पर पानी के साथ कीचड़ और गंदगी ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है।पटना स्टेशन के बाहर जलजमाव के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग पैदल चलकर स्टेशन तक पहुंचने की कोशिश में जूते-चप्पल हाथ में लेकर पानी में उतरते नजर आए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि जलजमाव के कारण दुकानें और कार्यालय बंद रहे, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ा है।
पटना के जिलाधिकारी ने भारी बारिश के बाद विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया और दावा किया कि जलजमाव की कोई बड़ी समस्या नहीं है। उनके अनुसार, पिछले 24 घंटों में पटना शहरी क्षेत्र में 333.20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, और जिला प्रशासन, नगर निगम, और बिहार शहरी विकास कंपनी (बुडको) की टीमें नालों, पंपिंग स्टेशनों, और सम्प हाउसों की निगरानी कर रही हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों की सफाई समय पर नहीं हुई, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
पटना नगर निगम पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि स्मार्ट सिटी के दावों के बावजूद जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। किदवईपुरी जैसे इलाकों में घरों में पानी घुसने की खबरें सामने आई हैं, जिससे लोगों का सामान खराब हो गया है।जलजमाव के कारण पटना की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम देखा गया। डाक बंगला चौराहा, बेली रोड, और आशोक राजपथ जैसे प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डे के आसपास की सड़कों पर पानी जमा होने से यात्रियों को भारी परेशानी हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी भारी बारिश के कारण अपना कटिहार दौरा रद्द करना पड़ा।पटना के अलावा, बिहार के कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, और प्रशासन ने राहत कार्यों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। राज्य के 27 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, और पांच जिलों में विशेष रूप से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।