इम्पैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार की राजधानी पटना में कोरोना वायरस ने एक बार फिर दस्तक दी है। सोमवार को शहर में कोरोना के दो नए मामले सामने आए, जिनमें से एक मरीज ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज , पटना का जूनियर डॉक्टर है। इसके साथ ही, पटना में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 3 हो गई है। इन मामलों के सामने आने के बाद बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में सतर्कता बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पटना के सिविल सर्जन डॉ. अभिनाश कुमार सिंह ने बताया कि पहला मामला 23 मई को एक निजी अस्पताल में सामने आया था, जिसकी जाँच एक निजी लैब में हुई थी। दूसरा मामला सोमवार को एम्स पटना में पाया गया, जिसमें एक जूनियर डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव निकला। डॉ. सिंह ने बताया कि दोनों मरीजों में हल्के लक्षण देखे गए हैं, जैसे गले में खराश और बुखार। दोनों मरीजों का कोई हालिया यात्रा इतिहास नहीं है, जिसके कारण यह माना जा रहा है कि संक्रमण स्थानीय स्तर पर फैला हो सकता है।पटना में अब तक तीन मामले दर्ज किए गए हैं, और तीसरे मरीज की जानकारी रविवार को सामने आई थी, जब गोपालगंज की एक युवती की जाँच एक निजी लैब में पॉजिटिव पाई गई थी। देशभर में भी कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सक्रिय मामलों की संख्या 1,009 तक पहुँच गई है।एम्स पटना के जूनियर डॉक्टर के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, यह डॉक्टर अस्पताल के सामान्य वार्ड में ड्यूटी पर था और मरीजों के संपर्क में आया था। डॉक्टर के पॉजिटिव पाए जाने के बाद उनके संपर्क में आए अन्य स्टाफ और मरीजों की जाँच शुरू कर दी गई है। एम्स प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सख्त प्रोटोकॉल लागू किए हैं, जिसमें मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य कर दिया गया है।
इन नए मामलों के बाद बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है। इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि उनके अस्पताल में 12 ऑक्सीजन बेड और तीन आईसीयू आइसोलेशन बेड तैयार किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत भर्ती किया जा सके। उन्होंने कहा, हमें घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है। अगर किसी में लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत टेस्ट करवाएँ।स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, और बार-बार हाथ धोएँ। साथ ही, जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन की बूस्टर डोज नहीं ली है, उन्हें इसे लेने की सलाह दी गई है। एम्स दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. पीयूष रंजन ने हाल ही में कहा था कि बूस्टर डोज बुजुर्गों और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि यह गंभीर बीमारी से बचाव में मदद करती है।