पटना :-बिहार के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पटना से पूर्णिया के बीच की दूरी, जो अभी तक 7 से 8 घंटे में तय होती थी, अब मात्र 3 घंटे में पूरी हो सकेगी। यह संभव होगा पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ, जिसका काम जल्द ही शुरू होने जा रहा है। इस परियोजना को लेकर बिहार सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तैयारियां तेज कर दी हैं, और हाल ही में जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे एक 6 लेन का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा, जिसकी कुल लंबाई लगभग 244 से 282 किलोमीटर होगी। यह एक्सप्रेसवे वैशाली जिले के मीरनगर से शुरू होगा और पूर्णिया जिले के चांदभट्टी तक जाएगा। इस मार्ग से वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया जैसे 6 जिलों को जोड़ा जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 18,042 करोड़ रुपये है, और इसका निर्माण कार्य तीन साल में पूरा होने की उम्मीद है।
बिहार के सड़क निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने इस परियोजना को राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा, “वर्तमान में पटना से पूर्णिया जाने के लिए दो मुख्य मार्ग हैं—NH-22 और NH-27 के माध्यम से मुजफ्फरपुर होकर, जिसमें 8.5 घंटे लगते हैं, या NH-31 और NH-231 से कोरहा (कटिहार) होकर, जिसमें करीब 7 घंटे लगते हैं। इस नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह दूरी सिर्फ 3 घंटे में तय होगी।”यह एक्सप्रेसवे ग्रीनफील्ड संरेखण पर आधारित होगा, यानी यह ज्यादातर अप्रयुक्त जमीनों से होकर गुजरेगा। यह मार्ग मीरनगर (वैशाली) से शुरू होकर समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया के चांदभट्टी (NH-27 पर) तक जाएगा। इस परियोजना के लिए 6 जिलों के 29 प्रखंडों में 3381.2 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इसमें से बाढ़ प्रभावित 4 जिलों के 15 प्रखंडों को भी राहत मिलेगी। लगभग 250 गांवों से होकर गुजरने वाला यह एक्सप्रेसवे क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा।NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी योगेश बहादुर सिंह ने बताया, “मार्च में DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) पूरी होने के बाद बोली प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद जमीन अधिग्रहण का काम तेजी से आगे बढ़ेगा। हमारा लक्ष्य है कि मानसून से पहले निर्माण शुरू हो जाए।”
इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे, जिससे यात्रा न केवल तेज होगी बल्कि सुरक्षित भी होगी। यह मार्ग पटना रिंग रोड और प्रस्तावित गंगा नदी पर बन रहे 6-लेन पुल (दिघवारा से शेरपुर तक) से भी जुड़ेगा, जिससे पटना और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।इस परियोजना से बिहार के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। पूर्णिया में बन रहे हवाई अड्डे को इस एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है, जिससे सीमावर्ती जिलों के लोगों के लिए हवाई यात्रा आसान हो जाएगी। इसके अलावा, सहरसा, मधेपुरा और दरभंगा जैसे इलाकों में रियल एस्टेट की कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।