Wednesday 18-Feb-2026

राबड़ी देवी ने दी नीतीश कुमार को सलाह: “नहीं संभल रहा तो बेटे को बनाएं मुख्यमंत्री”

राबड़ी देवी ने दी नीतीश कुमार को सलाह: “नहीं संभल रहा तो बेटे को बनाएं मुख्यमंत्री”

इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार विधान परिषद में विपक्ष की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बिहार में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर नीतीश कुमार को निशाना बनाया और सलाह दी कि अगर वह राज्य को संभाल नहीं पा रहे हैं, तो उन्हें अपने बेटे निशांत को मुख्यमंत्री बना देना चाहिए। यह बयान बिहार विधानमंडल के मॉनसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही के दौरान आया, जो हंगामे की भेंट चढ़ गया।

बिहार विधानसभा का मॉनसून सत्र 21 जुलाई 2025 से शुरू हुआ, जो 25 जुलाई तक चलेगा। यह सत्र आगामी विधानसभा चुनावों से पहले होने के कारण राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। सत्र के पहले दिन विपक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। इसी दौरान राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा, नीतीश कुमार से बिहार नहीं संभल रहा है। उनकी सेहत ठीक नहीं है, और कानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर हो रही है। अगर वह नहीं संभाल पा रहे, तो अपने बेटे निशांत को मुख्यमंत्री बना दें।राबड़ी देवी का यह बयान नीतीश कुमार के उस पुराने तंज का जवाब माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने राबड़ी को परिस्थितियों का मुख्यमंत्री कहा था, क्योंकि उनके पति लालू प्रसाद यादव ने 1997 में चारा घोटाले के कारण इस्तीफा देने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनाया था।राबड़ी देवी के बयान के बाद सदन में हंगामा बढ़ गया। राष्ट्रीय जनता दल के विधायकों ने नीतीश सरकार पर अपराध नियंत्रण में विफलता और मतदाता सूची से नाम काटे जाने के आरोप लगाए। राबड़ी ने कहा, बिहार में अपराध चरम पर है। हत्याएँ, लूट, और अपहरण की घटनाएँ रोज हो रही हैं। नीतीश कुमार गृहमंत्री भी हैं, फिर भी स्थिति नियंत्रण में नहीं है।

जवाब में, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने राबड़ी के बयान पर आपत्ति जताई और कहा, राबड़ी देवी एक पूर्व मुख्यमंत्री हैं, और हम उनका सम्मान करते हैं। लेकिन उनके पति लालू प्रसाद ने जब मुख्यमंत्री पद छोड़ा, तो उन्होंने अपनी पत्नी को कुर्सी सौंप दी। यह उनकी अपनी रणनीति थी। हमारी सरकार अपराध पर काबू पाने के लिए लगातार काम कर रही है।यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच तीखी नोकझोंक हुई हो। मार्च 2025 में भी विधान परिषद में दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी, जब नीतीश ने राबड़ी को लालू की कठपुतली कहकर तंज कसा था। उस समय राबड़ी ने नीतीश पर महिलाओं का अपमान करने और भांग खाकर सदन में आने”का आरोप लगाया था।

राबड़ी ने नीतीश के बार-बार गठबंधन बदलने पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, नीतीश कुमार बार-बार पाला बदलते हैं। 2022 में उन्होंने हमसे गठबंधन किया और फिर 2024 में भाजपा  के साथ चले गए। अब वह स्थिरता की बात करते हैं, लेकिन उनकी विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है।राबड़ी देवी का यह बयान बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आया है, जिससे साफ है कि राजद ने नीतीश सरकार को कानून-व्यवस्था और शासन के मुद्दों पर घेरने की पूरी कोशिश कर रही है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी अपनी माँ के बयान का समर्थन करते हुए कहा, नीतीश जी की उम्र और सेहत अब बिहार जैसे बड़े राज्य को संभालने की अनुमति नहीं दे रही। उन्हें अब आराम करना चाहिए।दूसरी ओर, जदयू और बीजेपी नेताओं ने राबड़ी के बयान को अनुचितऔर राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया। जदयू नेता अशोक चौधरी ने कहा, राबड़ी जी का यह बयान उनकी हताशा दिखाता है। नीतीश जी ने बिहार को जंगलराज से निकाला और विकास की राह पर लाया। जनता सब जानती है।

 

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