इम्पैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चल रहे विवाद के बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 15-16 दिन की ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ शुरू करने जा रहे हैं। इस यात्रा में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के अन्य प्रमुख नेता भी शामिल होंगे। यह यात्रा बिहार के 18 से 30 जिलों को कवर करेगी और इसका उद्देश्य मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना है।मूल रूप से यह यात्रा 10 अगस्त से शुरू होने वाली थी, लेकिन भारी बारिश, बाढ़ की स्थिति और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यह यात्रा 17 अगस्त 2025 से सासाराम से शुरू होगी और तीन चरणों में पूरी होगी, जो पटना के गांधी मैदान में एक विशाल जनसभा के साथ समाप्त होगी।
• पहला चरण: सासाराम से शुरू होकर औरंगाबाद और गया तक, जो चार दिनों तक चलेगा।
• दूसरा चरण: 16 अगस्त से शुरू होकर गया से नवादा, जमुई, और भागलपुर होते हुए सीमांचल क्षेत्र की ओर बढ़ेगा।
• तीसरा चरण: विभिन्न जिलों को कवर करते हुए यात्रा पटना में समाप्त होगी।
राहुल गांधी इस यात्रा के दौरान अधिकांश दूरी पैदल तय करेंगे, जिससे वे स्थानीय लोगों, विशेष रूप से दलित, पिछड़े, और अल्पसंख्यक समुदायों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर सकें। यात्रा का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में कथित हेराफेरी, जैसे फर्जी मतदाताओं को जोड़ना और वैध मतदाताओं के नाम हटाने, के खिलाफ जागरूकता फैलाना है।बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने दावा किया है कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों में मतदाता सूची में हेराफेरी की गई थी, और अब बिहार में भी यही “महाराष्ट्र मॉडल” लागू करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 1,00,250 वोटों की चोरी हुई, जिसमें फर्जी और अमान्य पते, डुप्लिकेट मतदाता, और एक ही पते पर असामान्य रूप से अधिक मतदाता शामिल थे। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर भाजपा की मदद करने और वोट चोरी का आरोप लगाया है, जिसे उन्होंने लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने कहा, हमारे पास कर्नाटक में वोट चोरी का 100% सबूत है, और हम बिहार में इसे दोहराए जाने के खिलाफ लड़ेंगे।इस यात्रा में तेजस्वी यादव, CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, और अन्य इंडिया गठबंधन के नेता शामिल होंगे। यह यात्रा न केवल मतदाता जागरूकता पर केंद्रित होगी, बल्कि सामाजिक न्याय, जाति जनगणना, और दलित-पिछड़े समुदायों के अधिकारों जैसे मुद्दों को भी उठाएगी। राहुल गांधी ने पहले भी बिहार में ‘संविधान बचाओ’ और ‘शिक्षा न्याय संवाद’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से इन समुदायों तक पहुंचने की कोशिश की है। तेजस्वी यादव ने इस यात्रा को लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक क्रांति बताया और कहा,चुनाव आयोग कुछ नेताओं के इशारे पर काम कर रहा है। हम बिहार के मतदाताओं को उनके अधिकारों से वंचित नहीं होने देंगे।बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर या नवंबर 2025 में होने की संभावना है, और यह यात्रा महागठबंधन के लिए मतदाताओं को एकजुट करने का एक बड़ा अवसर है। कांग्रेस ने हाल ही में बिहार में अपने प्रदेश अध्यक्ष को बदलकर दलित नेता राजेश कुमार को नियुक्त किया है, जो इस यात्रा को और प्रभावी बनाने में मदद कर सकता है।
राहुल गांधी ने कहा, “हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर मतदाता का वोट सुरक्षित रहे। बिहार की जनता इस बार लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़ी होगी।” इस यात्रा के समापन पर पटना में होने वाली जनसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी के भी शामिल होने की संभावना है।