Wednesday 10-Dec-2025

राहुल गांधी के बिहार दौरे के बीच, कांग्रेस पार्टी में सियासी हलचल |

राहुल गांधी के बिहार दौरे के बीच, कांग्रेस पार्टी में सियासी हलचल  |

 पटना :- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी आज एक दिन के दौरे पर पटना पहुंचे हैं। बीते 19 दिनों में यह उनकी दूसरी यात्रा है। इस बार वे स्वतंत्रता सेनानी जगलाल चौधरी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं। जगलाल चौधरी दलित समाज से आते थे और बिहार की राजनीति में उनका बड़ा योगदान रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन आगामी बिहार विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी देखा जा रहा है, जहां कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।

सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी पटना एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मौर्या होटल जाएंगे, जहां वे कुछ देर रुकेंगे। इसके बाद वे श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम से निकलने के  बाद राहुल गांधी कांग्रेस विधायक शकील अहमद खान के आवास पर जाएंगे, जिनके बेटे का हाल ही में देहांत हुआ है। उसके बाद वह वापस दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

इससे पहले, 18 जनवरी को भी राहुल गांधी पटना आए थे, जब उन्होंने संविधान सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लिया था और कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम भी गए थे।

राहुल गांधी की यात्रा के दौरान बिहार में  कांग्रेस के आपसी कलह फिर से स्टार्ट हो गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक गुट बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है।

अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार शर्मा का कहना है कि अखिलेश प्रसाद सिंह के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस कमजोर हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि _दो विधायक और पांच वरिष्ठ प्रवक्ता भाजपा में चले गए,

कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल दिया गया,

टिकट, पद, और डेलीगेट बेचे गए है 

पार्टी की संपत्तियों को भी बेचा गया हैं 

राजकुमार शर्मा ने मांग की है कि कांग्रेस पार्टी को इस  मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए और अखिलेश प्रसाद सिंह को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना चाहिए।

बिहार में आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व राज्य में अपनी रणनीति तैयार कर रहा है। राहुल गांधी की बढ़ती यात्राएं यह संकेत दे रही हैं कि कांग्रेस यहां अपनी स्थिति को सुधारने की कोशिश में है। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ पार्टी के अंदर  विरोध कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बन सकता है। अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी इस आपसी कलह को शांत करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

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