पटना:- बिहार के राष्ट्रीय जनता दल के विधायक रीतलाल यादव ने 16 अप्रैल 2025 को पटना के दानापुर कोर्ट में अपने भाई और भांजे के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। उन पर एक बिल्डर को जान से मारने की धमकी देने और रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप है। इस मामले में बिहार पुलिस और विशेष कार्य बल उनकी तलाश में थे। रीतलाल यादव के आत्मसमर्पण ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है, और उन्होंने इसे एक राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है।
रीतलाल यादव, जो दानापुर विधानसभा क्षेत्र से राजद विधायक हैं,उन पर एक स्थानीय बिल्डर से रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। इस मामले में उनके भाई और भांजे भी सह-आरोपी हैं। बिल्डर ने दानापुर थाने में शिकायत दर्ज की थी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।शिकायत के आधार पर बिहार पुलिस ने रीतलाल यादव के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। स्पेशल टास्क फोर्स को उनकी तलाश में लगाया गया, और कई जगहों पर छापेमारी की गई। पुलिस की बढ़ती सख्ती के बाद रीतलाल ने कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का फैसला किया।16 अप्रैल 2025 को दोपहर में रीतलाल यादव अपने भाई और भांजे के साथ दानापुर कोर्ट पहुंचे और मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया, और मामले की अगली सुनवाई जल्द होगी।
आत्मसमर्पण के बाद रीतलाल यादव ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके खिलाफ यह मामला एक राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है। उन्होंने कहा, मेरी हत्या की साजिश रची जा रही है। यह पूरा मामला मेरे खिलाफ साजिश है, और मैं इसका कानूनी रूप से जवाब दूंगा।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।रीतलाल ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं, इसलिए उन्होंने स्वेच्छा से आत्मसमर्पण किया। उन्होंने यह भी कहा कि वे निर्दोष हैं और कोर्ट में अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
रीतलाल यादव बिहार की राजनीति में एक चर्चित और विवादास्पद चेहरा रहे हैं। दानापुर से विधायक के रूप में वे राजद के मजबूत नेताओं में से एक हैं और स्थानीय स्तर पर उनकी अच्छी-खासी पकड़ मानी जाती है। हालांकि, उनके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें धमकी और रंगदारी जैसे आरोप शामिल हैं। इस बार बिल्डर से रंगदारी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, जिसके चलते रीतलाल पर दबाव बढ़ गया।रीतलाल ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं, इसलिए उन्होंने स्वेच्छा से आत्मसमर्पण किया। उन्होंने यह भी कहा कि वे निर्दोष हैं और कोर्ट में अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
कोर्ट ने रीतलाल यादव, उनके भाई, और भांजे को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उनके वकील ने जमानत याचिका दायर करने की बात कही है, जिसकी सुनवाई जल्द हो सकती है।पुलिस ने मामले में और सबूत जुटाने के लिए जांच तेज कर दी है। बिल्डर की शिकायत के आधार पर अन्य संदिग्धों की भी तलाश की जा रही है।इस मामले में धारा 387 (रंगदारी), 506 (आपराधिक धमकी), और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।