Thursday 19-Feb-2026

सऊदी अरब में फंसे गोपालगंज के मजदूर, भारत सरकार से लगाई मदद की गुहार

सऊदी अरब में फंसे गोपालगंज के मजदूर, भारत सरकार से लगाई मदद की गुहार

इंपैक्ट लाइव टीम पटना:-सऊदी अरब में सैकड़ों भारतीय मजदूर, जिनमें बिहार के गोपालगंज जिले के कई लोग शामिल हैं, एक गंभीर संकट में फंस गए हैं। ये मजदूर सऊदी अरब की कंपनी सेंडन में काम करते हैं, लेकिन पिछले नौ महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है। भूख, बदहाली, और गंभीर आर्थिक तंगी के कारण इन मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर भारत सरकार, खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। यह मामला हाल ही में X पर वायरल हुआ, जिसके बाद इसने राष्ट्रीय ध्यान खींचा है।

गोपालगंज, उत्तर प्रदेश, और पश्चिम बंगाल के लगभग 300-400 मजदूर सऊदी अरब के जेद्दा और अन्य क्षेत्रों में सेंडन कंपनी के लिए काम कर रहे हैं। इन मजदूरों ने एक वीडियो में अपनी पीड़ा बयान की, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें नौ महीने से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण उनके पास खाने-पीने के लिए पैसे तक नहीं हैं।मजदूरों का कहना है कि वे अपने परिवारों का भरण-पोषण करने के लिए सऊदी अरब गए थे, लेकिन अब उनकी स्थिति ऐसी है कि वे अपने घरवालों को एक पैसा भी नहीं भेज पा रहे हैं। कई मजदूरों ने बताया कि उनके पास रहने की उचित व्यवस्था नहीं है, और कुछ ने तो कई दिनों तक भूखे रहने की बात कही। यह स्थिति न केवल इन मजदूरों के लिए, बल्कि उनके भारत में बसे परिवारों के लिए भी गंभीर संकट पैदा कर रही है।सेंडन एक सऊदी अरब आधारित कंपनी है, जो तेल और गैस, पेट्रोकेमिकल्स, और निर्माण क्षेत्र में काम करती है। यह कंपनी बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य प्रवासी मजदूरों को रोजगार देती है। हालांकि, इस मामले में कंपनी पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसमें वेतन न देना, मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार, और उनकी बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज करना शामिल है। मजदूरों का कहना है कि कंपनी ने उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा है, और उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।इस मामले के सामने आने के बाद, भारतीय विदेश मंत्रालय और सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने त्वरित कार्रवाई शुरू की है।बिहार सरकार ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है। गोपालगंज के स्थानीय नेताओं और विधायकों ने केंद्र सरकार से इस मुद्दे को प्राथमिकता देने की मांग की है।

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