इंपैक्ट लाइव टीम पटना : सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार 23 अप्रैल 2025 को बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। यह परीक्षा 25 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 तक आयोजित होने वाली है। कोर्ट ने 13 दिसंबर 2024 को हुई प्रारंभिक परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोपों वाली याचिकाओं को भी खारिज कर दिया।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने कहा कि हर सार्वजनिक परीक्षा को अदालतों में चुनौती देने की प्रवृत्ति के कारण सरकारों को भर्ती प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कोर्ट ने टिप्पणी की, आजकल हर परीक्षा पर संदेह जताया जा रहा है, जिसके कारण कोई भर्ती नहीं हो पा रही है।13 दिसंबर 2024 को आयोजित बीपीएससी की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में लगभग 4 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। पटना के बापू परीक्षा केंद्र पर पेपर लीक के आरोप लगे थे, जिसके बाद वहां 12,012 अभ्यर्थियों के लिए 4 जनवरी 2025 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। इस रीटेस्ट में 8,111 अभ्यर्थियों ने प्रवेश पत्र डाउनलोड किए और 5,943 ने परीक्षा दी।याचिकाकर्ताओं ने पूरे प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और दोबारा आयोजित करने की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक केंद्र पर हुई गड़बड़ी के लिए सभी अभ्यर्थियों के लिए रीटेस्ट का आदेश देना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास पेपर लीक का कोई ठोस सबूत नहीं है।
इससे पहले, पटना हाई कोर्ट ने 28 मार्च 2025 को याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि सभी केंद्रों पर गड़बड़ी का कोई निश्चित सबूत नहीं है। हाई कोर्ट ने बीपीएससी को मुख्य परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दी थी।सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीपीएससी की 70वीं मुख्य परीक्षा निर्धारित समय पर 25 अप्रैल से शुरू होगी। बीपीएससी ने पहले ही 12 अप्रैल 2025 को मुख्य परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए थे, जिसे अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट bpsconline.bihar.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं।