Wednesday 18-Feb-2026

तपती गर्मी के बीच बदलेगा मौसम का मिजाज, बिहार में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी

तपती गर्मी के बीच बदलेगा मौसम का मिजाज, बिहार में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी

इम्पैक्ट लाइव टीम पटना: बिहार में पिछले कुछ दिनों से चिलचिलाती गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, लेकिन अब मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। तपती गर्मी के बीच मौसम का मिजाज बदलने वाला है। अगले 24 से 48 घंटों में बिहार के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव के कारण बिहार में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। यह सिस्टम उत्तर भारत के कई हिस्सों को प्रभावित कर रहा है, और बिहार में इसका असर 27 अप्रैल से स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने बिहार के निम्नलिखित जिलों के लिए बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है:

•  पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय और अन्य मध्य बिहार के जिले।

•  सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा जैसे उत्तर-पूर्वी जिले।

•  सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, वैशाली जैसे उत्तरी जिले।

कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना है, जिससे तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि गर्मी से पूरी तरह राहत की उम्मीद अभी नहीं है, क्योंकि बारिश के बाद उमस बढ़ सकती है।

पिछले एक हफ्ते से बिहार में तापमान लगातार बढ़ रहा है। गया, औरंगाबाद, और भोजपुर जैसे जिलों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि पटना में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। गर्म हवाओं (लू) के कारण लोगों को दिन के समय बाहर निकलने में काफी परेशानी हो रही है। खासकर, मजदूरों, किसानों और सड़क पर काम करने वालों को गर्मी का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ रहा है।

मौसम के इस बदलाव से किसानों को भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मक्का और सब्जी की फसलों को गर्मी से नुकसान हो रहा था, और बारिश इन फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों को आंधी और तेज हवाओं से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाएं।

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