Wednesday 18-Feb-2026

तेजस्वी यादव के बाद अब डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पर दोहरे EPIC नंबर का आरोप, कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल

तेजस्वी यादव के बाद अब डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पर दोहरे EPIC नंबर का आरोप, कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल

इम्पैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार की सियासत में एक नया विवाद गरमाने लगा है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के दोहरे EPIC (Electors Photo Identity Card) नंबर के मामले के बाद अब बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा भी इसी तरह के विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस और राजद ने डिप्टी सीएम पर दो विधानसभा क्षेत्रों लखीसराय और पटना के बांकीपुर में मतदाता के रूप में पंजीकृत होने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस मामले ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है।

 कांग्रेस और राजद ने दावा किया है कि विजय सिन्हा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत लखीसराय और बांकीपुर, दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया है। आरोप है कि सिन्हा ने दोनों जगह SIR फॉर्म भरे, जिसके बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची में उनका नाम दोनों क्षेत्रों में शामिल हो गया।चुनावी नियमों के अनुसार, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 17 और 18 के तहत एक व्यक्ति का नाम केवल एक मतदाता सूची में दर्ज हो सकता है। दो जगह मतदाता के रूप में पंजीकृत होना गैरकानूनी है और इसे मतदाता सूची में हेरफेर का मामला माना जा सकता है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विजय सिन्हा ने जानबूझकर नियमों की अनदेखी की और चुनाव आयोग ने इस गड़बड़ी को नजरअंदाज किया।

कांग्रेस ने इस मामले में चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का दावा है कि आयोग ने सिन्हा के दोहरे पंजीकरण को न केवल अनदेखा किया, बल्कि उनके SIR फॉर्म को भी स्वीकार किया। हाल ही में बिहार में 65 लाख मतदाताओं को डुप्लिकेट नामों के आधार पर मतदाता सूची से हटाया गया था। ऐसे में सवाल उठता है कि विजय सिन्हा का मामला आयोग की नजरों से कैसे छूट गया? कांग्रेस ने इसे भाजपा और चुनाव आयोग के बीच “मिलीभगत” का उदाहरण बताया है।

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