Tuesday 14-Apr-2026

तेजस्वी यादव के दो वोटर आईडी कार्ड पर विवाद: चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, जांच के लिए मांगा कार्ड

तेजस्वी यादव के दो वोटर आईडी कार्ड पर विवाद: चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, जांच के लिए मांगा कार्ड

इंपैक्ट लाइव टीम पटना :-बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख नेता तेजस्वी यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला उनके कथित तौर पर दो वोटर आईडी कार्ड रखने से जुड़ा है। भारत निर्वाचन आयोग ने तेजस्वी यादव को नोटिस जारी कर उनके द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए वोटर आईडी कार्ड (EPIC नंबर RAB2916120) की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं। आयोग ने इसे आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया दस्तावेज करार देते हुए जांच के लिए कार्ड की मूल प्रति और विवरण मांगा है।2 अगस्त 2025 को तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत तैयार की गई मसौदा मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है। उन्होंने अपने मोबाइल फोन को स्क्रीन से जोड़कर EPIC नंबर RAB2916120 के आधार पर खोज की, जिसमें कोई रिकॉर्ड नहीं मिला का संदेश दिखा। तेजस्वी ने इसे विपक्षी मतदाताओं को हटाने की साजिश करार देते हुए केंद्र और बिहार सरकार पर निशाना साधा।

हालांकि, चुनाव आयोग ने उनके दावे को खारिज कर दिया। आयोग के सूत्रों ने बताया कि तेजस्वी का नाम मसौदा मतदाता सूची में पाटलिपुत्र विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या 204 (बिहार एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी बिल्डिंग) में क्रमांक 416 पर दर्ज है, जिसका EPIC नंबर RAB0456228 है। यह वही नंबर है, जिसका उपयोग तेजस्वी ने 2020 के विधानसभा चुनाव में अपने नामांकन पत्र में किया था।चुनाव आयोग ने तेजस्वी को नोटिस जारी करते हुए कहा, आपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस EPIC नंबर (RAB2916120) का जिक्र किया, वह प्रारंभिक जांच में आधिकारिक रूप से जारी नहीं पाया गया। कृपया उक्त वोटर आईडी कार्ड की मूल प्रति और विवरण उपलब्ध कराएं, ताकि इसकी गहन जांच की जा सके।आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि तेजस्वी का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया गया है, जैसा कि उन्होंने दावा किया था।आयोग के सूत्रों ने बताया कि पिछले 10 वर्षों के रिकॉर्ड की जांच में RAB2916120 नंबर का कोई वोटर आईडी कार्ड नहीं मिला। यह संभावना जताई जा रही है कि यह कार्ड फर्जी हो सकता है। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को लेकर तेजस्वी यादव और आरजेडी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, कांग्रेस और आरजेडी  पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। क्या तेजस्वी ने शपथ लेकर झूठ बोला? क्या उन्होंने चुनाव आयोग को गलत तथ्य दिए?बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने भी कहा, यह आश्चर्यजनक है कि एक पार्टी का नेता दो वोटर आईडी रखता है, जो अवैध है। अगर सर्वोच्च नेता के पास दो EPIC नंबर हैं, तो कार्यकर्ताओं की स्थिति क्या होगी?बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि तेजस्वी ने मतदाता सूची को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाई और इसे विपक्ष के मतदाताओं को हटाने की साजिश के रूप में पेश किया।आरजेडी ने चुनाव आयोग के दावों का खंडन करते हुए कहा कि तेजस्वी के EPIC नंबर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पार्टी ने इसे बीजेपी और नीतीश कुमार सरकार की साजिश करार दिया, ताकि विपक्षी नेताओं को बदनाम किया जा सके। तेजस्वी ने भी लोगों से अपील की कि वे अपनी वोटर आईडी की स्थिति जांच लें, क्योंकि SIR प्रक्रिया को उन्होंने लोकतंत्र पर हमला बताया।बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया, जिसका उद्देश्य डुप्लिकेट, मृत, और गैर-निवासी मतदाताओं को हटाना है, विवादों के केंद्र में है। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया उनके कोर वोट बैंक को कमजोर करने की साजिश है। तेजस्वी के अलावा, CPI(ML) लिबरेशन के सांसद सुदामा प्रसाद की पत्नी शोभा देवी के भी दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में दो वोटर आईडी होने का मामला सामने आया है।चुनाव आयोग ने तेजस्वी से जल्द से जल्द जवाब मांगा है। अगर जांच में पाया गया कि दूसरा वोटर आईडी फर्जी है, तो यह तेजस्वी और आरजेडी के लिए बड़ा झटका हो सकता है। इससे उनकी चुनाव लड़ने की पात्रता पर भी सवाल उठ सकते हैं।

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