इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। यह बहस उस समय शुरू हुई जब तेजस्वी ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर सत्तापक्ष और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत टिप्पणियों ने सदन का माहौल और गरमा दिया।
तेजस्वी यादव ने विधानसभा में मतदाता सूची पुनरीक्षण के मुद्दे पर चर्चा की मांग उठाई। उन्होंने इसे लोकतंत्र और मतदान के अधिकार पर हमला करार देते हुए कहा, बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण के बहाने बीजेपी के दबाव में चुनाव आयोग द्वारा मतदान के अधिकार और लोकतंत्र पर हमला हो रहा है।तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया राजनैतिक रूप से प्रेरित है और इसका उद्देश्य लाखों मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित करना है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव से इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि कुछ पत्रकारों, जैसे अजित अंजुम, ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया का “जमीनी सच” उजागर किया, जिसके बाद उन पर एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया और सवाल उठाया कि यदि घुसपैठिए मतदाता सूची में हैं, तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार है।उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तेजस्वी के आरोपों का जवाब देते हुए तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, जिसका बाप अपराधी हो, वह क्या बोलेगा? चल हट, लुटेरे हो लुटेरे। ज्यादा जोर से बोलोगे तो गिला हो जाएगा।यह टिप्पणी तेजस्वी के पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर निशाना थी, जिन्हें सम्राट ने बिहार का गब्बर और लुटेरा करार दिया।
सम्राट ने तेजस्वी की मांग को खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण पर चर्चा की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यह चुनाव आयोग का मामला है। उन्होंने तेजस्वी पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए कहा कि उनकी बौखलाहट और कंपकपाहट साफ दिख रही है, जो उनकी हार का डर और राजद में पारिवारिक कलह को दर्शाता है।तेजस्वी ने सम्राट की टिप्पणियों का जवाब देते हुए कहा, ज्यादा मत बोलिए, आपकी पतलून गीली हो जाएगी।उन्होंने सम्राट के पिता और बीजेपी नेता शकुनी चौधरी का जिक्र करते हुए कहा, क्या आपके पिता ने मुख्यमंत्री के लिए अपशब्द नहीं बोले? खड़े होकर बोलिए कि नहीं बोला।इस पर सदन में हंगामा बढ़ गया, और विधानसभा अध्यक्ष को बीच-बचाव करना पड़ा।तेजस्वी ने सम्राट पर पलटवार करते हुए यह भी कहा कि वह लालू यादव के नाम पर अपनी राजनीति चमकाते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सम्राट को लालू ने ही मंत्री और विधायक बनाया था, और उनकी राजनीतिक शुरुआत राजद से ही हुई थी।इस तीखी नोकझोंक के बीच विपक्षी विधायकों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया। राजद और महागठबंधन के विधायकों ने काले कपड़े पहनकर और प्ले कार्ड्स के साथ विधानसभा के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को कई बार स्थगित किया।