Thursday 19-Feb-2026

पटना में युवा कांग्रेस का मेगा जॉब फेयर: 5,000 से अधिक नौकरियों का अवसर, हजारों युवाओं ने लिया हिस्सा

पटना में युवा कांग्रेस का मेगा जॉब फेयर: 5,000 से अधिक नौकरियों का अवसर, हजारों युवाओं ने लिया हिस्सा

इम्पैक्ट लाइव टीम पटना : भारतीय युवा कांग्रेस ने आज बिहार की राजधानी पटना के ज्ञान भवन में एक मेगा जॉब फेयर का आयोजन किया, जिसे बिहार में बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है। इस जॉब फेयर में 120 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया और 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान किए गए। इस आयोजन ने न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की बेरोजगारी के मुद्दे पर निष्क्रियता को लेकर भी विपक्ष की सक्रियता को रेखांकित किया।

पटना के ज्ञान भवन में सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस मेगा जॉब फेयर में हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया। आयोजन में टाटा अलायंस, फ्लिपकार्ट, जेप्टो, वोल्टास, टेक महिंद्रा, पेटीएम, आदित्य बिड़ला, हिताची, और अर्बन क्लैप जैसी 120 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया। इन कंपनियों ने विभिन्न क्षेत्रों जैसे फार्मा, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, और ई-कॉमर्स में नौकरियों की पेशकश की। आयोजन में 12वीं पास से लेकर स्नातक और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवाओं तक के लिए अवसर उपलब्ध थे।

भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने इस अवसर पर कहा, यह जॉब फेयर केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह राहुल गांधी जी के उस दृष्टिकोण का हिस्सा है, जो देश के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। बीजेपी ने हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत में कुछ नहीं हुआ। हम विपक्ष में होने के बावजूद युवाओं के लिए अवसर पैदा कर रहे हैं।इस जॉब फेयर के लिए हजारों युवाओं ने पंजीकरण कराया था। दिल्ली में आयोजित पिछले जॉब फेयर के अनुभव को देखते हुए, जहां 8,500 युवाओं ने पंजीकरण कराया और 3,500 को नौकरी के ऑफर लेटर मिले, इस बार भी भारी भीड़ देखी गई। पटना में भी साक्षात्कार के बाद कई युवाओं को मौके पर ही नियुक्ति पत्र दिए गए, जबकि अन्य को दूसरी साक्षात्कार प्रक्रिया के लिए बुलाया गया।आयोजन में शामिल कंपनियों में कई बड़े नाम शामिल थे, जो विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियां प्रदान कर रही थीं। यह आयोजन बिहार के उन युवाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण था, जो रोजगार की कमी के कारण राज्य से बाहर पलायन करने को मजबूर हैं।भारतीय युवा कांग्रेस ने इस जॉब फेयर में पंजीकरण को पूरी तरह निःशुल्क रखा, जिससे अधिक से अधिक युवा इसमें हिस्सा ले सकें। उदय भानु चिब ने कहा, हमारा मकसद हर उस युवा तक पहुंचना है, जो मेहनत और काबिलियत के बावजूद रोजगार से वंचित है।

इस जॉब फेयर में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए, जिनमें एआईसीसी संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, सचिन पायलट, कन्हैया कुमार, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव, और सुप्रिया श्रीनेट शामिल थे। इन नेताओं ने केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार पर बेरोजगारी के मुद्दे पर नाकामी का आरोप लगाया।के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, आज का यह आयोजन दिखाता है कि जब सरकारें युवाओं की अनदेखी करती हैं, तब विपक्ष को आगे आना पड़ता है। राहुल गांधी जी ने बेरोजगारी के खिलाफ संसद से लेकर सड़क तक आवाज उठाई है, और यह जॉब फेयर उसी लड़ाई का हिस्सा है।कांग्रेस नेता बजरंग पुनिया ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा, बीजेपी ने अपने वादों को पूरा नहीं किया, इसलिए विपक्ष को यह जिम्मेदारी उठानी पड़ रही है। यह जॉब फेयर बिहार के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है।भारतीय युवा कांग्रेस ने इस आयोजन के जरिए बिहार में बढ़ती बेरोजगारी और पलायन की समस्या को रेखांकित किया। उदय भानु चिब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “बिहार में पलायन एक गंभीर समस्या है। हर तीसरा व्यक्ति बहुआयामी गरीबी में जी रहा है, और न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार इस दिशा में कुछ कर रही है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में बार-बार परीक्षा पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, और इसके पीछे पेपर माफिया को सरकारी समर्थन प्राप्त है।

इससे पहले, 19 जून 2025 को राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित मेगा जॉब फेयर में 8,500 युवाओं ने हिस्सा लिया था, जिसमें से 7,500 का साक्षात्कार हुआ और 3,500 को मौके पर ही नियुक्ति पत्र मिले। इस आयोजन को भारी सफलता मिली थी, जिसके बाद भारतीय युवा कांग्रेस ने बिहार में भी इसी तरह का आयोजन करने का फैसला किया।यह जॉब फेयर न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करने का एक प्रयास है, बल्कि यह कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा भी है, जिसके तहत वह बिहार में अपनी संगठनात्मक ताकत को बढ़ाना चाहती है। बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, और इस आयोजन को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार ने नौकरियों के वादे पूरे नहीं किए, और अब विपक्ष को यह जिम्मेदारी उठानी पड़ रही है।वहीं, बीजेपी प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने इस आयोजन को हास्यास्पद करार देते हुए कहा कि कांग्रेस का दावा हजारों युवाओं को रोजगार देना केवल दिखावा है।

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