पटना: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार में 15 अप्रैल 2025 तक मौसम के बिगड़े मिजाज को लेकर ताजा चेतावनी जारी की है। राज्य के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, भारी बारिश, और वज्रपात की संभावना जताई गई है। खासकर, उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों में मौसम का प्रभाव अधिक रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, एक चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बिहार में 14 से 15 अप्रैल तक बारिश और तूफान का दौर जारी रहेगा। 15 अप्रैल को कई जिलों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिसके साथ मध्यम से भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है।
मौसम विभाग ने निम्नलिखित जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है:
• येलो अलर्ट: किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, सहरसा, बांका, अररिया, सुपौल, पूर्णिया, जमुई, शिवहर, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, छपरा, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, सीवान, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, और दरभंगा।
• ऑरेंज अलर्ट: मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, और सहरसा जैसे कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना।पिछले 24 घंटों में बिहार में आंधी, तूफान, और वज्रपात ने भारी तबाही मचाई है। खबरों के अनुसार, वज्रपात के कारण 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें नालंदा जिले में 22 मौतें शामिल हैं। किसानों को फसलों का भारी नुकसान हुआ है, खासकर गेहूं और सब्जियों की फसलों को। छपरा, कैमूर, और बांका जैसे जिलों में ओलावृष्टि ने भी नुकसान पहुंचाया।मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल के बाद चक्रवाती परिसंचरण पूर्व की ओर शिफ्ट हो सकता है, जिससे बारिश की तीव्रता में कमी आएगी। इसके बाद, 16 अप्रैल से बिहार में तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो सकती है, और भीषण गर्मी का दौर फिर से लौट सकता है। न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी और अधिकतम तापमान में मामूली बदलाव की संभावना है। हालांकि, 18-20 अप्रैल को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण फिर से बारिश और तूफान की स्थिति बन सकती है।