Thursday 19-Feb-2026

बिहार में MLA और MLC का बढ़ा वेतन: नीतीश कैबिनेट की बैठक में कुल 27 एजेंडों पर लगी मुहर

बिहार में MLA और MLC का बढ़ा वेतन: नीतीश कैबिनेट की बैठक में कुल 27 एजेंडों पर लगी मुहर

पटना:-बिहार सरकार ने एक बार फिर विधायकों (MLA) और विधान परिषद सदस्यों (MLC) के लिए बड़ी राहत की खबर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में विधायकों और MLCs के वेतन में वृद्धि को मंजूरी दी गई। इस बैठक में कुल 27 एजेंडों पर चर्चा हुई, जिसमें वेतन वृद्धि सबसे अहम फैसलों में से एक रहा। यह निर्णय राज्य के जनप्रतिनिधियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और उनकी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है।कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार, विधायकों और MLCs का मूल वेतन पहले की तुलना में बढ़ाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पिछली बड़ी वेतन वृद्धि 20 नवंबर 2018 को हुई थी, जब मूल वेतन 30,000 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये प्रति माह किया गया था। अब नवीनतम अनुमानों के आधार पर, मूल वेतन को 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 से 60,000 रुपये प्रति माह करने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न भत्तों में भी इजाफा किया गया है,मूल वेतन: संभावित रूप से 50,000-60,000 रुपये प्रति माह।वाहन भत्ता: पहले 10-15 लाख रुपये की अग्रिम राशि दी जाती थी, जो अब बढ़कर 20 लाख रुपये तक हो सकती है।यात्रा भत्ता: पहले 3 लाख रुपये सालाना था, जो अब 4-5 लाख रुपये तक हो सकता है।कार्यालय और टेलीफोन भत्ता: इसमें भी 20-30% की वृद्धि की संभावना।आवास सुविधा: मुफ्त आवास या इसके लिए अतिरिक्त भत्ता।

कैबिनेट ने यह भी सुनिश्चित किया कि यह वृद्धि विधायकों और MLCs को उनके क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने में मदद करेगी।27 एजेंडों वाली इस बैठक में वेतन वृद्धि के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें शामिल हैं,ग्रामीण सड़क परियोजनाएँ,शिक्षा सुधार,स्वास्थ्य सेवाएँ,रोजगार के अवसर।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक के बाद कहा, “हमारे विधायक और MLC जनता के लिए दिन-रात काम करते हैं। उनकी जिम्मेदारियाँ बढ़ी हैं, और महंगाई के इस दौर में उनकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करना सरकार का दायित्व है।'सरकार का तर्क है कि यह वृद्धि जनप्रतिनिधियों को बिना आर्थिक दबाव के जनता की सेवा करने में सक्षम बनाएगी।'

2018 में हुई वेतन वृद्धि के बाद बिहार के विधायकों का वेतन कई अन्य राज्यों (जैसे मध्य प्रदेश, जहां मूल वेतन 20,000 रुपये था) से अधिक हो गया था। उस समय भी विपक्ष ने विरोध किया था, लेकिन सरकार ने इसे जायज ठहराया था। इस बार भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है।

 

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