पटना: बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर पोस्टर वार छिड़ गया है। इस बार चर्चा का केंद्र बना है एक नया पोस्टर, जिसमें लिखा है, “जंगलराज का अत्याचार भूलेगा नहीं बिहार, QR कोड स्कैन कर जानिए लालू परिवार का पूरा सच”। यह पोस्टर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके शासनकाल को निशाना बनाता हुआ नजर आ रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इस पोस्टर के पीछे कौन है और इसे लगाने का मकसद क्या है?पटना के प्रमुख चौराहों, जैसे गांधी मैदान, बेली रोड और स्टेशन रोड पर यह पोस्टर देखा गया है। पोस्टर में एक QR कोड छपा है, जिसे स्कैन करने पर कथित तौर पर लालू प्रसाद यादव के शासनकाल (1990-2005) के दौरान हुए कथित अत्याचारों और जंगलराज की घटनाओं की जानकारी मिलती है। पोस्टर में कोई संगठन या पार्टी का नाम स्पष्ट रूप से उल्लेखित नहीं है, जिसके चलते यह रहस्य और गहरा गया है कि इसे किसने लगवाया।
इस पोस्टर के सामने आने के बाद बिहार की सियासत में हलचल मच गई है। कुछ दिनों पहले ही लालू समर्थकों ने पटना में पोस्टर लगाए थे, जिसमें लिखा था, “ना झुका हूँ, ना झुकेगा, टाइगर अभी जिंदा है”, जो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बीच उनकी मजबूती का संदेश दे रहा था। अब यह नया पोस्टर उसका जवाब माना जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्टर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से प्रायोजित हो सकता है, जो 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले लालू और उनके परिवार को घेरने की रणनीति के तहत काम कर रहा है। NDA पिछले कुछ समय से लालू के शासन को “जंगलराज” करार देकर नीतीश कुमार के सुशासन की तुलना कर रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भागलपुर में एक सभा के दौरान लालू-राबड़ी शासन की आलोचना की थी।RJD ने इस पोस्टर को “सस्ती साजिश” करार दिया है। पार्टी प्रवक्ता मनोज झा ने कहा, “यह NDA की हताशा का नतीजा है। बिहार की जनता विकास और रोजगार की बात करना चाहती है, लेकिन ये लोग पुरानी बातों को लेकर कीचड़ उछाल रहे हैं। लालू जी का योगदान बिहार कभी नहीं भूलेगा।” वहीं, तेजस्वी यादव ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “जंगलराज का डर दिखाकर ये लोग अपनी नाकामी छिपाना चाहते हैं। जनता सब जानती है।”
हालांकि पोस्टर पर किसी का नाम नहीं है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि इसे NDA के समर्थक या कोई स्थानीय संगठन लगा सकता है। कुछ लोगों का कहना है कि यह जनता दल (यूनाइटेड) [JD(U)] की ओर से एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है, क्योंकि हाल ही में उनकी ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया था, जिसमें लालू शासन को जंगलराज बताते हुए नीतीश कुमार के सुशासन की तारीफ की गई थी। वीडियो में पटना हाई कोर्ट के 1997 के एक फैसले का जिक्र था, जिसमें “जंगलराज” शब्द का इस्तेमाल किया गया था।