पटना: माघ पूर्णिमा स्नान के लिए प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने सोमवार को पटना जंक्शन को पूरी तरह से ओवरलोड कर दिया। स्पेशल ट्रेन (03219 पटना-प्रयागराज कुंभ स्पेशल) में सफर करने के लिए 5,000 से ज्यादा यात्री प्लेटफॉर्म पर उमड़ पड़े।
ट्रेन अपने तय समय 2:30 बजे की बजाय डेढ़ घंटे की देरी से शाम 4 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंची। पहले से ही भीड़ से भरे प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के आते ही भगदड़ जैसे हालात बन गए। सभी डिब्बे खचाखच भरे थे, लोग दरवाजों की गैलरी से लेकर टॉयलेट तक जहां जगह मिली, वहां खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर थे।रेलवे प्रशासन की लापरवाही साफ दिखी।
कोई अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात नहीं था।
न लाइन लगाने का इंतज़ाम किया गया, न ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई खास व्यवस्था।
सीसीटीवी से निगरानी तक नहीं की गई।पटना जंक्शन से करीब 2 लाख से ज्यादा यात्री अलग-अलग ट्रेनों से प्रयागराज रवाना हुए, लेकिन सुविधाओं के नाम पर सिर्फ अव्यवस्था देखने को मिली।राजेंद्र नगर टर्मिनल से दिल्ली जाने वाली संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस के यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर आई, कोच के गेट बंद मिले। इस वजह से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने के लिए दौड़ लगानी पड़ी, महिलाएं तक गिर पड़ीं, कई लोगों के बैग छूट गए।बिहार दैनिक यात्री संघ के महासचिव सोएब कुरैशी और संजय तिवारी ने रेलवे की लापरवाही पर सवाल उठाए।
अन्य स्टेशनों पर रस्सी लगाकर लाइन में लगाकर यात्रियों को चढ़ाया जाता है, लेकिन पटना जंक्शन और दानापुर में कोई व्यवस्था नहीं।
यात्री पटरी पर उतरकर ट्रेन में चढ़ने को मजबूर हैं, जो बेहद खतरनाक है।माघ पूर्णिमा स्नान के लिए 12 फरवरी को फिर लाखों की भीड़ उमड़ेगी, लेकिन रेलवे की तैयारियां अब भी न के बराबर हैं।