इंपैक्ट लाइव टीम पटना :-बिहार की राजधानी पटना में स्वच्छता को बढ़ावा देने और शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए पटना नगर निगम ने कड़ा कदम उठाया है। खुले में कचरा फेंकने वालों पर अब 500 से 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इस अभियान के तहत, नगर निगम ने 1 जुलाई से ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ शुरू किया है, जो 15 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान शहर के 19 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया जा सके।
पटना नगर निगम ने इस स्वच्छता अभियान को शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार लाने और नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना जगाने के लिए शुरू किया है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि खुले में कचरा फेंकने की आदत न केवल शहर की सुंदरता को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी खतरा पैदा करती है। इस अभियान के तहत, निगम की विशेष निगरानी टीमें गठित की गई हैं, जो सड़कों, गलियों, और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों पर नजर रखेंगी और तुरंत चालान काटेंगी।
जुर्माने की राशि इस प्रकार निर्धारित की गई है:
• पहली बार कचरा फेंकने पर: 500 रुपये
• दूसरी बार या बार-बार उल्लंघन पर: 5000 रुपये तक
इसके अलावा, निर्माण कार्यों से निकलने वाला मलबा या भारी मात्रा में कचरा फेंकने वालों पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।पटना के कई इलाकों, जैसे दानापुर, में कचरे के ढेर और नालियों में जाम पानी की समस्या ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इन क्षेत्रों में कचरे से निकलने वाली दुर्गंध और गंदगी से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में, मधेपुरा के चौसा में एक स्कूल के पास कचरे के ढेर से महामारी फैलने की आशंका जताई गई है। इसी तरह, भागलपुर और लखीसराय जैसे शहरों में भी कचरे की समस्या गंभीर हो रही है।
नगर निगम का कहना है कि कचरा प्रबंधन के लिए पहले से ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रह की व्यवस्था है, लेकिन कई लोग इसका उपयोग करने के बजाय सड़कों पर कचरा फेंक देते हैं। इससे न केवल शहर की स्वच्छता प्रभावित होती है, बल्कि मच्छरों और बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है।पटना नगर निगम ने स्वच्छता पखवाड़े के दौरान वार्ड पार्षदों, सफाई कर्मियों, और आम लोगों के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में होर्डिंग्स, पोस्टर, और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को कचरा प्रबंधन के नियमों और जुर्माने की जानकारी दी जा रही है।नगर निगम के आयुक्त ने कहा, हमारा मकसद केवल जुर्माना लगाना नहीं है, बल्कि लोगों को यह समझाना है कि शहर उनकी जिम्मेदारी है। अगर हर कोई अपने घर का कचरा सही जगह पर डाले, तो शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना आसान होगा।